Meaning of

ज़ाहिर

zaahir • ظاہر

स्पष्ट; प्रकट; प्रत्यक्ष

apparent; manifest; evident

ظاہر; واضح; نمایاں

Arabic

अपने चेहरे से जो ज़ाहिर है छुपाएँ कैसे तेरी मर्ज़ी के मुताबिक़ नज़र आएँ कैसे — Waseem Barelvi
दोस्ती में हो रहे हैं आज जो वादे वफ़ा ये हबीब इबने मज़ाहिर आप का एहसान है — ''Akbar Rizvi"
बात तो है ख़ास ही अब वो बताएँ कैसे सिर्फ़ ज़ाहिर हो निगाहों से छुपाएँ कैसे — Manohar Shimpi
मिले थे बिन बुलाए आज ज़ाहिर प्यार करने को दिलासा क़त्ल से पहले दिया ग़म-ख़्वार करने को — arjun chamoli
'ग़ालिब' न कर हुज़ूर में तू बार बार अर्ज़ ज़ाहिर है तेरा हाल सब उन पर कहे बग़ैर — Mirza Ghalib
अगर ज़ाहिर करूँँगा आसमाँ पर ख़्वाहिशें अपनी मुझे इस बात का डर है सितारे टूट जाएँगे — ZARKHEZ
न बात करना, न देखना तुम, मुझे यूँँ अपना बनाए रहना मैं इश्क़ अपना करूँँगा ज़ाहिर, तुम इश्क़ अपना छुपाये रहना — Hasan Raqim

'ज़ाहिर' शब्द उस चीज़ को संदर्भित करता है जो दिखाई दे रही हो या स्पष्ट हो। कविता में, यह अक्सर छिपे हुए या अनदेखे के विपरीत होता है, सत्य और धारणा के विषयों की खोज करता है, जहाँ जो स्पष्ट है वह हमेशा पूरी कहानी नहीं बताता।

कवि 'ज़ाहिर' का उपयोग उपस्थिति और वास्तविकता के बीच के तनाव की खोज के लिए करते हैं। यह एक ऐसा शब्द है जो सतह के नीचे की परतों पर विचार करने के लिए आमंत्रित करता है, पाठक को स्पष्ट से परे देखने के लिए प्रेरित करता है।

कविता में, 'ज़ाहिर' हमें केवल जो दिखाई देता है उसके परे सत्य की खोज करने के लिए चुनौती देता है।