Meaning of

ज़ेब

zeb • زیب

श्रृंगार; अलंकरण; सुंदरता

adornment; embellishment; beauty

زیور; آرائش; خوبصورتی

Persian

वो मेरी फिक्र तो करता है मगर प्यार नहीं या'नी पाज़ेब में घुँघरू तो है झंकार नहीं — Harman Dinesh
क्या वाक़ई वो तेरी पाज़ेब की खनक थी ऐसा सुकून तो बस नुसरत के गाने में है — Neeraj Neer
बड़ी अज़ीब तमन्ना है मेरे दिल की दोस्त मुझे हर एक नज़र में ख़राब होना है — ABhishek Parashar
मैं ग़ज़ल का बदन सँवारता हूँ जब तुम्हें पन्नों पर उतारता हूँ — Prit
रक़्स करना है तो फिर होश की पाज़ेब उतार आलम-ए-वज्द में ही बे-ख़बरी आती है — Rajesh Reddy
सारे सुर उस की ख़ुशामद में लगे हैं देखिए तो आज उस ने पैरों में पाज़ेब जो पहनी हुई है — Harsh saxena
दर्द छुपाओ और मिसाल बनो इक काम करो तुम शराब बनो — Prashant Gurjar
पाज़ेब की आवाज़ ही अब गूॅंजती है कान में होगी जहाँ भी तू कहीं लेकिन रहेगी ध्यान में — Manohar Shimpi

‘ज़ेब’ शब्द सौंदर्य और श्रृंगार की अवधारणा को दर्शाता है, जो अक्सर उस शालीनता से जुड़ा होता है जो किसी की उपस्थिति को बढ़ाता है। कविता में, यह उस कृपा और आकर्षण का प्रतीक है जो साधारण को उत्कृष्ट बनाता है, सौंदर्य के आकर्षण का सार पकड़ता है।

कवि अक्सर 'ज़ेब' का उपयोग प्रकृति या प्रिय की सुंदरता का वर्णन करने के लिए करते हैं। यह एक ऐसा शब्द है जो एक क्षण की शालीनता, एक इशारे की कृपा, या एक दृश्य के आकर्षण को जीवंत करता है। यह कच्चे और बिना सजावट के विपरीत है, सुंदरता की परिवर्तनकारी शक्ति को उजागर करता है।

कविता की बुनावट में, 'ज़ेब' वह सुंदरता की धागा है जो अस्तित्व के कपड़े में बुनता है, हर तह में शालीनता जोड़ता है।