Meaning of

तर्ज़

tarz • طرز

शैली; ढंग; तरीका; विधि

style; manner; way; method

طرز; انداز; طریقہ; اسلوب

Arabic

तेरी रंजिश खुली तर्ज-ए-बयाँ से न थी दिल में तो क्यूँँ निकली ज़बाँ से — Dagh Dehlvi
अपने क़ातिल की ज़ेहानत से परेशान हूँ मैं रोज़ इक मौत नए तर्ज़ की ईजाद करे — Parveen Shakir
फिर वही होगी मुहब्बत और वही तर्ज़-ए-ख़ुलूस अपने ज़ेहनों से तसव्वुर को जुदा तो कीजिए — divya 'sabaa'
इक तर्ज़-ए-तग़ाफ़ुल है सो वो उन को मुबारक इक अर्ज़-ए-तमन्ना है सो हम करते रहेंगे — Faiz Ahmad Faiz
कहाँ से चला था निग़ाहों में क्या था कहाँ जा रहा था मुझे सोचने दो मेरा साज़ क्या था मेरी तर्ज़ क्या थी मैं क्या गा रहा था मुझे सोचने दो — Obaid Azam Azmi
ख़मोशी लफ़्ज़ पर भारी नया तर्ज़-ए-बयाँ अपना पराए मुल्क में अब ढूँढ़ता हूँ, हम ज़बाँ अपना — Jaymin Joshi Mauj

मूल रूप से 'तर्ज़' किसी कार्य को करने की विशेष शैली या ढंग को दर्शाता है। कविता में, यह उस विशेष आवाज़ और लय को दर्शाता है जो कवि अपने काम में लाता है, एक हस्ताक्षर जो एक को दूसरे से अलग करता है।

'तर्ज़' का उपयोग कवि अक्सर अपनी अनूठी अभिव्यक्ति को उजागर करने के लिए करते हैं। यह एक काव्यात्मक आवाज़ की विशिष्टता या किसी विशेष शेर की सुंदरता को दर्शा सकता है। यह अधिक सामान्य या साधारण अभिव्यक्तियों के विपरीत होता है।

'तर्ज़' काव्यात्मक व्यक्तित्व की आत्मा है, साहित्य को समृद्ध करने वाली विविध आवाज़ों का प्रमाण है।