Meaning of

नख़रा

nakhra • نخرا

अदा; नखरे; चंचलता

affectation; coquettishness; playful demeanor

ادا; نخرے; چنچلتا

Persian

तू तो फिर अपनी जान है तेरा तो ज़िक्र क्या हम तेरे दोस्तों के भी नख़रे उठाएँगे — Ali Zaryoun
अभी तक मैं अगर उस के दिल से उतरा नहीं फिर मेरे लिए तो इस सेे ज़्यादा कुछ बुरा नहीं एक जैसे सात चेहरे तो मुमकिन है लेकिन मिरे ख़याल से तुम जैसा कोई दूसरा नहीं वो रूठके अगर चाहती है ,, मैं मनाऊं उसे तो फिर ये प्यार है उस का ,, नख़रा नहीं महोब्बत करना चाहते हो करो शौक़ से करो मियाँ मैं कहता हूँ इस में कुछ भी बुरा नहीं मिरे दोस्त ये किस की तस्वीर उठा लाए हो ये सूट तो उसी का है, मगर चेहरा नहीं मैं इश्क़ के मोहल्ले में गया था तन्हाई बहुत थी ये तो अच्छा हुआ मैं ज़्यादा दिन ठहरा नहीं "करन" तुम मोहब्बत में पूरे पागल हो जाओगे ये सारी दुनिया का शिकवा है सिर्फ़ मेरा नहीं — karan singh rajput
हम को तो आवाज़ उठा कर कहना भी नाजाइज़ है आप बड़े घर के बच्चे हैं आप का नख़रा जाइज़ है — Aarush Sarkaar
वो रूठके अगर चाहती है मैं मनाऊं उसे तो फिर ये प्यार है उस का नख़रा नहीं — karan singh rajput
छोड़ चला जाता है नाज़ उठाने वाला सो ज़्यादा नखरे भी ठीक नहीं होते हैं — Prashant Sitapuri
तू नखरे कर बहाने तो बनाता है न जाने दिल तुझे क्यूँँ झेल जाता है — Devraj Sahu

नखरा उस चंचलता और कभी-कभी अतिरंजित व्यवहार को दर्शाता है जो अक्सर आकर्षण या छेड़छाड़ के लिए उपयोग किया जाता है। कविता में, यह शब्द छेड़खानी और आकर्षण के नाजुक नृत्य की छवियों को उभारता है, जहाँ हर इशारे का एक गहरा अर्थ होता है।

कवि अक्सर 'नखरा' का उपयोग प्रिय की चंचल और मायावी प्रकृति का वर्णन करने के लिए करते हैं। यह आकर्षण और उदासीनता के बीच के नाजुक संतुलन, आँखों और इशारों के नृत्य, और प्रेम की अनकही भाषा को दर्शा सकता है।

नखरा मानवीय संवाद में सूक्ष्मता की कला को समेटे हुए है, जहाँ हर इशारा अपने आप में एक कविता है।