Meaning of

ना'श

na'sh • ناش

लाश; अर्थी; शव यात्रा

corpse; bier; funeral procession

لاش; جنازہ; جنازے کی سواری

Arabic

न जाने कब से सहरा था मेरे दिल का जज़ीरा
तेरे बस एक गुल ने कर दिया गुलज़ार इस को

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सो देख कर तेरे रुख़्सार-ओ-लब यक़ीं आया
कि फूल खिलते हैं गुलज़ार के अलावा भी

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इक गुल के मुरझाने पर क्या गुलशन में कोहराम मचा
इक चेहरा कुम्हला जाने से कितने दिल नाशाद हुए

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माना कि इस ज़मीं को न गुलज़ार कर सके
कुछ ख़ार कम तो कर गए गुज़रे जिधर से हम

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हम को मालूम है जन्नत की हक़ीक़त 'ग़ालिब'
नाम हम ने कभी गुलज़ार नहीं रक्खा है

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मेरे अपने हर इक पल मेरा दिल नाशाद करते थे
मुझे बर्बाद कर के कहते थे आबाद करते थे

सो मेरे मसअलों ने ज़िंदगी को मौत कर डाला
जो मुझ को जानते थे लाश कह कर याद करते थे

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सामान नफ़रतों का है बिस्यार देखिए
धीमी पड़ी सफ़र कि ये रफ़्तार देखिए

गुलज़ार को करम कि ज़रूरत कभी न थी
सूखे पड़े हुए हैं जो इशजार देखिए

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दर्द ऐसे भी हम छुपाते है
कोई पूछे तो ग़लत वाक़या बताते हैं

कई हादसे सहें तो हुआ ये मालूम
ज़ख़्म नाशूर भी हो जाएँ तो भर जाते हैं

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मनाने की तुम्हें कोशिश में हम भी हो गए लाचार
दुबारा लौट आओ ऐ सनम दिल को करो गुलज़ार

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कोई आसाँ नहीं गुलज़ार करना प्यार का गुलशन
जिगर के ख़ून से सींचो इसे तब जा के खिलता है

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न जाने कब से सहरा था मेरे दिल का जज़ीरा
तेरे बस एक गुल ने कर दिया गुलज़ार इस को

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सो देख कर तेरे रुख़्सार-ओ-लब यक़ीं आया
कि फूल खिलते हैं गुलज़ार के अलावा भी

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ना'श एक निष्प्राण शरीर की गंभीर छवि को दर्शाता है, जिसे अक्सर श्रद्धा के साथ ले जाया जाता है। कविता में, यह जीवन की अंतिमता और अनंतता की ओर मौन यात्रा का प्रतीक है।

कवि ना'श का उपयोग मृत्यु और अस्तित्व की क्षणभंगुरता के विषयों को खोजने के लिए करते हैं। यह अक्सर जीवन की जीवंतता के विपरीत होता है, अनिवार्य अंत को उजागर करता है।

ना'श एक गहरी गंभीरता लिए हुए है, जो हमें जीवन की क्षणिक सुंदरता और उसके अंत की शांत गरिमा की याद दिलाता है।