सामान नफ़रतों का है बिस्यार देखिएधीमी पड़ी सफ़र कि ये रफ़्तार देखिएगुलज़ार को करम कि ज़रूरत कभी न थीसूखे पड़े हुए हैं जो इशजार देखिए— Javed Aslam