दर्द ऐसे भी हम छुपाते है कोई पूछे तो ग़लत वाक़या बताते हैंकई हादसे सहें तो हुआ ये मालूमज़ख़्म नाशूर भी हो जाएँ तो भर जाते हैं— Aryan Goswami