Meaning of

निशा

nisha • نشا

रात; अंधकार; रहस्य

night; darkness; mystery

رات; اندھیرا; راز

Sanskrit

मैं अपने बा'द बहुत याद आया करता हूँ तुम अपने पास न रखना कोई निशानी मेरी — Abbas Tabish
कोई तितली निशाने पर नहीं है मैं बस रंगों का पीछा कर रहा हूँ — Zubair Ali Tabish
ज़िंदगी भर के लिए दिल पे निशानी पड़ जाए बात ऐसी न लिखो, लिख के मिटानी पड़ जाए — Aadil Rasheed
रखते हैं मोबाइल में मोहब्बत की निशानी अब फूल किताबों में छुपाया नहीं करते — Meharban Amrohvi
शिकारी से बचने में कैसा कमाल निशाने पे रहना बड़ी बात है — Shariq Kaifi
चंद कलियाँ नशात की चुन कर मुद्दतों महव-ए-यास रहता हूँ तेरा मिलना ख़ुशी की बात सही तुझ से मिल कर उदास रहता हूँ — Sahir Ludhianvi

मूल रूप से, 'निशा' रात की शांति और उसके गहरे अंधकार को दर्शाता है। कविता में इसे रहस्य, एकांत और अज्ञात की भावनाओं को व्यक्त करने के लिए अपनाया गया है, जो अक्सर मानव आत्मा की छिपी गहराइयों का प्रतीक होता है।

'निशा' का उपयोग कवि अक्सर शांति और आत्मनिरीक्षण की भावना को जगाने के लिए करते हैं। यह यात्रा के अंत या एक नए, रहस्यमय मार्ग की शुरुआत का प्रतीक हो सकता है। यह दिन की चमक के विपरीत, अंधकार में छिपी सुंदरता को उजागर करता है।

'निशा' की गोद में, कवि आत्मा के गहरे विचारों के लिए एक कैनवास पाते हैं। यह एक ऐसा शब्द है जो चिंतन और स्वप्निलता को आमंत्रित करता है।