zindagi bhar ke liye dil pe nishaani pad jaaye | ज़िंदगी भर के लिए दिल पे निशानी पड़ जाए

  - Aadil Rasheed

ज़िंदगी भर के लिए दिल पे निशानी पड़ जाए
बात ऐसी न लिखो, लिख के मिटानी पड़ जाए

  - Aadil Rasheed

Life Shayari

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    खेल ही तो है जहाँ मैं उसका हूँ
    ज़िन्दगी ये ट्वीट बदलेगी कभी
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    एक दो दिन में कहीं ताजमहल बनता है

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    Aadil Rasheed
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