Meaning of

निसबत

nisbat • نسبت

संबंध; जुड़ाव; निकटता

relation; connection; affinity

رشتہ; تعلق; قربت

Arabic

हर एक लफ़्ज़ में जादू है तेरी निस्बत से यही वजह है तुझे चाहते हैं शिद्दत से — Hameed Sarwar Bahraichi
दिया बुझाते हुए फूकँ से उसे देखा बनी नहीं कभी फिर मेरी रौशनी के साथ — Raj
जो मर जाएँ उसे फिर से जगाने से भी क्या होगा है निस्बत रूह का तन को जलाने से भी क्या होगा — Harsh Kumar
क्या अब यही है सच कि मुहब्बत नहीं रही मतलब यही के तुम को भी हसरत नहीं रही कल रात तुम ने हम को निकाला जो बज़्म से यारों में बात क्या रहे इज़्ज़त नहीं रही जिस जिस भी कूचे में गए खाए हैं ज़ख़्म ही अब और दिल लगाने की हसरत नहीं रही तन्हाई भी है दर्द भी है तेरा ग़म भी है अब मेरे कमरे में कोई ख़ल्वत नहीं रही अब तो सितम ये है के सितमगर ने कह दिया अब और सितम को तेरी ज़रूरत नहीं रही हम जिस के पहलू से चले आए हैं दश्त में वो दर नहीं रहा कि वो निस्बत नहीं रही बाज़ार-ए-इश्क़ में भी पुकारे गए मगर वो दिन नहीं रहे के वो क़ीमत नहीं रही — Gulfam Ajmeri
सभी निस्बतें सभी क़ुर्बतें ये धरी की सारी धरी रहीं तू नहीं था जब तो यहाँ कोई न क़रार दिल को दिला सका — Shivam Yadav
देखा है इश्क़ में निस्बत थी जिन्हें रूह से ही बस वही लोग मिले हुस्न की ठोकर में पड़े — A R Sahil "Aleeg"

निसबत एक जुड़ाव और आपसी संबंध का भाव उत्पन्न करता है। कविता में, यह अक्सर उन अदृश्य धागों का प्रतीक होता है जो व्यक्तियों को एक-दूसरे और ब्रह्मांड से जोड़ते हैं, साझा अनुभवों और भावनाओं की एक बुनावट बनाते हैं।

कवि निसबत का उपयोग प्रेम, संबंध और भाग्य की थीमों को खोजने के लिए करते हैं। यह अक्सर समय और स्थान को पार करने वाले बंधनों के लिए एक रूपक के रूप में कार्य करता है।

निसबत संबंधों का एक नाजुक जाल बुनता है, जो हमें उन गहरे संबंधों की याद दिलाता है जो हमारे अस्तित्व को परिभाषित करते हैं।