निस्बत-ए-आल-ए-नबी दिल में बसाए रखिएअपने किरदार में सौ चाँद लगाए रखिएकोई ख़ाली नहीं जाता कभी इस दर से 'समीर'बज़्म-ए-शब्बीर को ता-उम्र सजाए रखिए— Sameer Khan