Meaning of

परिस्तान

paristaan • وہم

परीलोक; कल्पना की दुनिया

fairyland; realm of imagination

پریوں کی دنیا; تخیل کی دنیا

Persian

वो हक़ीक़त को किस तरह समझे वहम ने जिस की परवरिश की हो — Kaif Uddin Khan
तिरे होने का वहम ज़िंदा है मुझ में मुझे लगता है दुनिया मेरी तरफ़ है — Neeraj Neer
न इब्तिदा की ख़बर है न इंतिहा मालूम रहा ये वहम कि हम हैं सो वो भी क्या मालूम — Fani Badayuni
दर्द हो तो दवा भी मुमकिन है वहम की क्या दवा करे कोई — Yagana Changezi
वहम मुझ को ये भाता है अभी मेरी दीवानी है मगर मेरी दीवानी थी मियाँ पहले बहुत पहले — Anand Raj Singh
इस लिए तुझ सेे दूर रहता हूँ वहम में मुब्तिला नहीं होना — Kaif Uddin Khan
हुआ टुकड़े वहम जब ये कहा उस ने तुम्हीं सब कुछ हो लेकिन मेरा इश्क़ नहीं — Parul Singh "Noor"
झूट रौशन है कि सच्चाई नहीं जानते हैं लोग अब वहम-ओ-गुमाँ को ही यक़ीं जानते हैं — Sultan Akhtar
सारी हक़ बातों से पर्दा उठ गया क्या वहम क्या ख़ुश-फ़हम, सब कुछ ख़तम — Ashraf Ali

परिस्तान शब्द आश्चर्य और जादू का भाव जगाता है, एक ऐसी जगह जहाँ वास्तविकता के सामान्य नियम निलंबित हो जाते हैं। कविता में, यह अक्सर अप्राप्य या आदर्श का प्रतीक होता है, एक ऐसा क्षेत्र जहाँ सपने और इच्छाएँ आकार लेती हैं।

कवियों ने 'परिस्तान' का उपयोग एक अलौकिक दुनिया का वर्णन करने के लिए किया है, जो अक्सर वास्तविकता की कठोरता के विपरीत होती है। यह अप्राप्य सुंदरता या खुशी के लिए एक रूपक के रूप में कार्य करता है। यह शब्द खोई हुई मासूमियत या बचपन के सपनों के लिए भी उदासी को जगाता है।

कविता के क्षेत्र में, 'परिस्तान' आदर्श और अप्राप्य का प्रतीक बना रहता है, उस सुंदरता की याद दिलाता है जो पहुँच से परे है।