Meaning of

फ़क़ीर

faqeer • فقیر

भिखारी; सन्यासी

beggar; ascetic

فقیر; درویش

Arabic

अपने हाकिम की फ़कीरी पे तरस आता है जो ग़रीबों से पसीने की कमाई माँगे — Rahat Indori
तुम्हारी गालियों का अब असर होता नहीं मुझ पर ज़रा ही देर बैठा था मैं सोहबत में फकीरों की। — Prashant Arahat
उस को राँझा मत कहो, जो ना हुआ फ़क़ीर जो ना जोगन हो सकी, सो काहे की हीर! — Harman Dinesh
बना कर फ़क़ीरों का हम भेस 'ग़ालिब' तमाशा-ए-अहल-ए-करम देखते हैं — Mirza Ghalib
सुनते हैं इश्क़ नाम के गुज़रे हैं इक बुज़ुर्ग हम लोग भी फ़क़ीर इसी सिलसिले के हैं — Firaq Gorakhpuri
फ़क़ीरों से न पूछो तुम ख़ुदा ने क्या दिया उन को ये वो बंदे हैं जिन को अब ख़ुदा से चोट लगती है — Rakesh Mahadiuree
फ़क़ीर-ए-शहर के तन पर लिबास बाक़ी है अमीर-ए-शहर के अरमाँ अभी कहाँ निकले — Sahir Ludhianvi

'फ़क़ीर' शब्द विनम्रता और आध्यात्मिक खोज की छवियाँ प्रस्तुत करता है। यह सादगी और वैराग्य के जीवन को दर्शाता है, जो अक्सर कविता में ज्ञान और आंतरिक शांति के प्रतीक के रूप में पूजनीय होता है।

कवि 'फ़क़ीर' का उपयोग त्याग और प्रबोधन के विषयों को खोजने के लिए करते हैं। यह अक्सर भौतिक संपत्ति के विपरीत होता है, आत्मा की समृद्धि को उजागर करता है।

कविता के परिदृश्य में, 'फ़क़ीर' सादगी में पाई जाने वाली समृद्धि का प्रमाण है।