Meaning of

फ़त्ह

fath • فتح

विजय; जीत

victory; conquest

فتح; کامیابی

Arabic

किस को तमन्ना फ़त्ह की किस को ख़याल अब जीत का
मैं हारने वाला हूँ जो उस को बचा लूँ काफ़ी है

0

Download Image

मेरी ख़्वाहिश है कि तुझे फूलों से फतह करूँ
वरना ये काम तो तलवार भी कर सकती है

41

Download Image

ऐ ख़ुदा अब नींद आँखों को अता कर दे
थक गया हूँ 'अफ़्व मेरी सब ख़ता कर दे

मर गया बच्चा तो अंदर उस के शायद इक
ऐ ख़ुदा बूढ़े को फिर से अब फ़ता कर दे

3

Download Image

जंग में पोरस से लड़ते ख़ास मंज़र हो गया
फ़त्ह करनी थी जिसे दुनिया सिकंदर हो गया

1

Download Image

फ़त्ह करना शनावरी होती
माँगना तो गदागरी होती

1

Download Image

कभी तन्हाई-ए-कोह-ओ-दमन इश्क़
कभी सोज़-ओ-सुरूर-ओ-अंजुमन इश्क़

कभी सरमाया-ए-मेहराब-ओ-मिंबर
कभी मौला अली ख़ैबर शिकन इश्क़

1

Download Image

किस को तमन्ना फ़त्ह की किस को ख़याल अब जीत का
मैं हारने वाला हूँ जो उस को बचा लूँ काफ़ी है

0

Download Image

मेरी ख़्वाहिश है कि तुझे फूलों से फतह करूँ
वरना ये काम तो तलवार भी कर सकती है

41

Download Image

अपने मूल अर्थ में, 'फ़त्ह' विजय या जीत का संकेत देता है, अक्सर युद्ध या प्रतियोगिता में। कविता में, यह शाब्दिक अर्थ से परे जाकर दिल, दिमाग और आत्मा की विजय को खोजता है, जहाँ लड़ाइयाँ आंतरिक होती हैं और जीत व्यक्तिगत।

'फ़त्ह' का उपयोग कवि अक्सर प्रेम की विपरीत परिस्थितियों पर विजय को दर्शाने के लिए करते हैं। यह सत्य की असत्य पर विजय या अपने भय और संदेहों पर जीत का प्रतीक हो सकता है।

कविता के क्षेत्र में, 'फ़त्ह' उन विजयों का रूपक बन जाता है जो हमारे आंतरिक संसार को आकार देते हैं।