
ऐ ख़ुदा अब नींद आँखों को अता कर दे
थक गया हूँ 'अफ़्व मेरी सब ख़ता कर दे
मर गया बच्चा तो अंदर उस के शायद इक
ऐ ख़ुदा बूढ़े को फिर से अब फ़ता कर दे
— Lalit Mohan Joshi
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