कभी तन्हाई-ए-कोह-ओ-दमन इश्क़कभी सोज़-ओ-सुरूर-ओ-अंजुमन इश्क़कभी सरमाया-ए-मेहराब-ओ-मिंबरकभी मौला अली ख़ैबर शिकन इश्क़— Muawiya Zafar Ghazali Mustafai