Meaning of

फ़साद

fasaad • فساد

अराजकता; अव्यवस्था; संघर्ष

chaos; disorder; conflict

افراتفری; بے ترتیبی; تصادم

Arabic

उरूज पर है अज़ीज़ो फ़साद का सूरज जभी तो सूखती जाती हैं प्यार की झीलें — Nami Nadri
हर मसला हर फ़साद ख़त्म, अम्न होता कू-ब-कू गर जो तुम मानते ख़ुदा के साथ उस ख़ुदा की भी — A R Sahil "Aleeg"
हासिल नहीं है जंग किसी भी फ़साद का हासिल भी है अगर तो बराबर की जंग हो — Prashant Sitapuri
लड़ पड़ेंगे लोग सो बातें फ़सादी नइॅं करूँँगा इस ख़राबे में ज़ियादा और ख़राबी नइॅं करूँँगा — Asad Khan
हर दिन एक फ़साद करोगे क्या दुनिया बर्बाद करोगे — Nityanand Vajpayee
नेता भी डाल देते हैं ऐसे फ़साद में हिंदू कभी तो वो कभी मुस्लिम विवाद में — Danish Balliavi
शहर-ए-फ़साद उस के लिए मसअला नहीं जिस ने कोई अज़ीज़ गँवाया नहीं अभी — Om awasthi
ख़ुद आप देखें कि किस तरह खप रहा है हर दिन कमाने में ज़र फ़साद है और कुछ नहीं है बशर की ख़ातिर ज़माने में ज़र — Daqiiq Jabaalii

'फ़साद' मूल रूप से अराजकता या अव्यवस्था को दर्शाता है, जिसमें संघर्ष या झगड़े की भावना होती है। कविता में, यह उथल-पुथल भरी भावनाओं या सामाजिक उथल-पुथल की छवियों को उभारता है, आंतरिक या बाहरी अशांति के सार को पकड़ता है।

कवि अक्सर 'फ़साद' का उपयोग सामाजिक अराजकता या व्यक्तिगत संघर्ष को चित्रित करने के लिए करते हैं। यह व्यवस्था के टूटने या मानव हृदय के भीतर संघर्ष का प्रतीक हो सकता है। यह शब्द शांति और सद्भाव के विपरीत है, अराजकता और शांति के बीच के तनाव को उजागर करता है।

कविता में, 'फ़साद' हमारे भीतर और आसपास की अराजकता का दर्पण बनता है, अव्यवस्था और सद्भाव के बीच नाजुक संतुलन पर चिंतन करने का आग्रह करता है।