यूँँ भी किसी की आस में बैठेंगे किसी दिनतन्हाइयों के पास में बैठेंगे किसी दिनदुनिया के फ़सादात से फ़ुर्सत मिले तो हमऐ इश्क़, तिरी क्लास में बैठेंगे किसी दिन— Akash Rajpoot