Meaning of

मअना

maana • معنی

अर्थ; महत्व

meaning; significance

معنی; اہمیت

Arabic

माना कि तेरी दीद के क़ाबिल नहीं हूँ मैं तू मेरा शौक़ देख मिरा इंतिज़ार देख — Allama Iqbal
हम को मिटा सके ये ज़माने में दम नहीं हम से ज़माना ख़ुद है ज़माने से हम नहीं — Jigar Moradabadi
परों को खोल ज़माना उड़ान देखता है ज़मीं पे बैठ के क्या आसमान देखता है — Shakeel Azmi
वो ज़माना गुज़र गया कब का था जो दीवाना मर गया कब का — Javed Akhtar
वाक़िफ़ कहाँ ज़माना हमारी उड़ान से वो और थे जो हार गए आसमान से — Faheem Jogapuri

मअना अपने मूल में शब्दों और कार्यों के अंतर्निहित अर्थ या महत्व को दर्शाता है। कविता में, यह शब्दशः से परे जाकर गहराई में उतरता है, अक्सर छिपी हुई अर्थ की परतों को प्रकट करता है जो पाठक की आत्मा के साथ प्रतिध्वनित होती हैं।

कवि 'मअना' का उपयोग भाषा की गहराइयों का अन्वेषण करने, अनकहे को उजागर करने और अव्यक्त को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह आत्मा की फुसफुसाहट और हृदय की मौन पुकार को प्रकट करने का एक साधन है।

काव्यिक क्षेत्र में, 'मअना' दृश्य और अदृश्य, बोले गए और अनकहे के बीच पुल बन जाता है।