Meaning of

मख़मल

makhmal • مخمل

मखमल; कोमलता; विलासिता

velvet; softness; luxury

مخمل; نرمی; عیش

Persian

मख़मली बिस्तर तो घर में कल ही मैं ला दूँ मगर
सोचता हूँ नींद आँखों में कहाँ से लाऊॅंगा

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निभाया जिस सेे भी रिश्ता तो फिर हद में रहे हैं हम
किसी के मखमली तकिए के ऊपर सर नहीं रक्खा

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ये मख़मली गद्दे तो तुझ को ही मुबारक हों
ऐ दोस्त मुझे बस माँ की गोद ही काफ़ी है

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फुटपाथों पर सोने वालों की नज़रों में अंबर है
मख़मल पर पलने वाले हर सपने की हद होती है

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नाम लिखूँ जो तेरा पत्थर भी मख़मल हो जाए
चाँद लिखूँ तो सारे तारे भी ओझल हो जाए

जाम कहूँ तो आँखें तेरी दिखे ओ मेरे काफ़िर
नाम लूँ तेरा महफ़िल में तो यार ग़ज़ल हो जाए

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ज़रा से हम ही बेकल हो गए हैं
सभी ग़म वरना ओझल हो गए हैं

जहाँ पैवंदकारी की थी तू ने
वो दिल वीरान जंगल हो गए हैं

हमारा मसअला ही मसअला है
मसाइल साथ के हल हो गए हैं

तेरे गाओं के मुर्दा दिल बसा कर
हमारे शहर बोझल हो गए हैं

उसे इक लम्हे की फ़ुर्सत मिली है
मेरे दिन रात इक पल हो गए हैं

बड़ी ताख़ीर से हम मुस्कुराए
कहा था उस ने पागल हो गए हैं

शजरकारी तेरी यादों में की है
हमारे पेड़ संदल हो गए हैं

वहाँ दरवाज़ा उस ने दिल का खोला
यहाँ रस्ते मुअत्तल हो गए हैं

तेरे कूचे से गुज़रे थे मुसाफ़िर
सुना है पाँव मख़मल हो गए हैं

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चाँद छूने के ही बराबर है
मखमली हाथ छू लिया जाए

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भले हो सामने मख़मल मगर हम रह नहीं सकते
दिशा प्रतिकूल हो लेकिन अभी हम बह नहीं सकते

है असमंजस यही जीवन की राहों का सुनो यारों
जिसे हम सह नहीं सकते उसे ही कह नहीं सकते

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इश्क़ पर इक किताब लिखना तुम
वस्ल को लाजवाब लिखना तुम

उस के रुख़सार मख़मली हैं साब
उन को खिलता गुलाब लिखना तुम

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संदली हुस्न को राएगाँ मत करें
मख़मली आशिक़ी ओढ़िए तो सही

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मख़मली बिस्तर तो घर में कल ही मैं ला दूँ मगर
सोचता हूँ नींद आँखों में कहाँ से लाऊॅंगा

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निभाया जिस सेे भी रिश्ता तो फिर हद में रहे हैं हम
किसी के मखमली तकिए के ऊपर सर नहीं रक्खा

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मखमल कोमलता और विलासिता का भाव उत्पन्न करता है, जो अक्सर शान और वैभव से जुड़ा होता है। कविता में, यह नाजुक और परिष्कृत का प्रतीक है, जो उत्कृष्टता के आकर्षण को पकड़ता है।

कवि 'मखमल' का उपयोग कोमलता की सुंदरता और विलासिता की समृद्धि को उत्पन्न करने के लिए करते हैं। यह कठोर और साधारण के विपरीत, असाधारण के आकर्षण को उजागर करता है।

मखमल कोमलता की शान का प्रतीक है। यह हमें कोमल और विलासिता में पाई जाने वाली सुंदरता की याद दिलाता है।