Meaning of

मज़ीद

mazid • مزید

अधिक; आगे

more; further

زیادہ; مزید

Arabic

मज़ीद इतना पढ़ा मुझ को तब ऐसी तर्जुमानी है मुझी से इश्क़ है उस को मुझी से बद-गुमानी है — 'June' Sahab Barelvi
यूँँ ही हमारा सिलसिला चलता रहे मजीद यूँँ ही हमारे दरमियाँ दूरी बनी रहे — Gaurav Singh
मज़ीद और न बढ़ जाए बे-क़रारी तेरी इसीलिए तो मैं इज़हार-ए-इश्क़ चाहता हूँ — Bilal Official

मूल रूप में 'मज़ीद' का अर्थ होता है कुछ और जोड़ना या जारी रखना। कविता में, यह अक्सर वर्तमान से परे कुछ पाने की लालसा को दर्शाता है, अनंत की चाह को प्रकट करता है।

'मज़ीद' का प्रयोग कवि अधूरी इच्छाओं को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह अक्सर प्रेम, महत्वाकांक्षा और सपनों की खोज से संबंधित शेरों में आता है।

'मज़ीद' मानव लालसा का सार पकड़ता है, हमेशा उस तक पहुँचने की कोशिश करता है जो परे है।