Meaning of

महव

mahav • محو

लीन; तल्लीन

absorbed; engrossed

محویت; غرق

Persian

ज़िंदगी एक फ़न है लम्हों को अपने अंदाज़ से गँवाने का — Jaun Elia
चंद कलियाँ नशात की चुन कर मुद्दतों महव-ए-यास रहता हूँ तेरा मिलना ख़ुशी की बात सही तुझ से मिल कर उदास रहता हूँ — Sahir Ludhianvi
'ताहिर' उन बे-बस लम्हों का अहद निभाना होगा उस ने कहा था ख़त मत लिखना ग़ज़लें लिखते रहना — Qayyum Tahir
यूँँ न कर वस्ल के लम्हों को हवस से ता'बीर चंद पत्ते ही तो तोड़े हैं शजर से मैं ने — Khurram Afaq
इश्क़ है इश्क़ ये मज़ाक़ नहीं चंद लम्हों में फ़ैसला न करो — Sudarshan Fakir
हर एक शख़्स यहाँ महव-ए-ख़्वाब लगता है किसी ने हम को जगाया नहीं बहुत दिन से — Azhar Iqbal
ये जब्र भी देखा है तारीख़ की नज़रों ने लम्हों ने ख़ता की थी सदियों ने सज़ा पाई — Muzaffar Razmi

'महव' शब्द किसी विचार, भावना या गतिविधि में गहरे डूबने का संकेत देता है। कविता में, यह क्षण में खो जाने की भावना को व्यक्त करता है, जहाँ समय और स्थान घुल जाते हैं, केवल अनुभव का सार शेष रहता है।

कवि 'महव' का उपयोग गहन चिंतनशील या भावनात्मक रूप से तीव्र पात्रों या क्षणों का वर्णन करने के लिए करते हैं। यह अक्सर प्रेम, प्रकृति या आत्मनिरीक्षण की खोज करने वाले छंदों में प्रकट होता है।

कविता में, 'महव' पाठक को ठहरने और क्षण की गहन गहराइयों में डूबने के लिए आमंत्रित करता है।