Meaning of

मा’लूम

ma’aloom • معلوم

ज्ञात; समझा हुआ

known; understood

معلوم; سمجھا ہوا

Arabic

हम को मालूम है जन्नत की हक़ीक़त लेकिन दिल के ख़ुश रखने को 'ग़ालिब' ये ख़याल अच्छा है — Mirza Ghalib
उस को भुला कर मुझ को ये मालूम हुआ आदत कैसी भी हो छोड़ी जा सकती है — Nadeem Shaad
सखियों संग रँगने की धमकी सुन कर क्या डर जाऊँगा तेरी गली में क्या होगा ये मालूम है पर आऊँगा — Kumar Vishwas
हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा — Bashir Badr
मुझ को इस लफ़्ज़ का मतलब नहीं मालूम मगर आप की हम्म ने मुझे सोच में डाला हुआ है — Ammar Iqbal
मालूम हमें भी हैं बहुत से तेरे क़िस्से पर बात तेरी हम सेे उछाली नहीं जाती — Wasi Shah
तुम हुस्न की ख़ुद इक दुनिया हो शायद ये तुम्हें मालूम नहीं महफ़िल में तुम्हारे आने से हर चीज़ पे नूर आ जाता है — Sahir Ludhianvi
तू है सूरज तुझे मालूम कहाँ रात का दुख तू किसी रोज़ मेरे घर में उतर शाम के बा'द — Farhat Abbas Shah

‘मा’लूम’ शब्द स्पष्टता और निश्चितता की भावना को व्यक्त करता है। कविता में, यह अक्सर ज्ञात के क्षेत्र में अमूर्त विचारों को आधार देने का काम करता है, जो क्षणिक के बीच वास्तविकता का एक आधार प्रदान करता है।

कवि ‘मा’लूम’ का उपयोग अपनी कविताओं को वास्तविकता में स्थिर करने के लिए करते हैं, ज्ञात और अज्ञात के विपरीत। यह रहस्योद्घाटन या खोज की भावना को भी जागृत कर सकता है।

कविता में, ‘मा’लूम’ ठोस और अमूर्त के बीच एक पुल के रूप में कार्य करता है, जो कवियों को समझ की गहराइयों का पता लगाने का एक तरीका प्रदान करता है।