Meaning of

मा'सूमी

ma'soomi • معصومی

निर्दोषता; पवित्रता

innocence; purity

معصومیت; پاکیزگی

Arabic

तू याद आया तेरे जौर-ओ-सितम लेकिन न याद आए मोहब्बत में ये मा'सूमी बड़ी मुश्किल से आती है — Firaq Gorakhpuri
अगर मासूमियत से काम लेना चाहते हो पढ़ो छू कर गुलों को तुम कि उन पर क्या लिखा है — divya 'sabaa'
सादगी ऐसी कि मंदिर के दिए की रौशनी और ये मासूमियत तो क़त्ल कर देगी अभी — arjun chamoli
यूँ देख कर तुझ को यही लगता है अब मासूमियत के तू ने पर्दे ओढ़े हैं — AMAN RAJ SINHA
और बेहतर, और बेहतर, और बेहतर का ये खेल मुझ सेे मेरे शे'र की मासूमियत ले जाएगा — Divy Kamaldhwaj
किसी को देख कर बे-वजह यूँँ ही मुस्कुरा देना अदाकारी नहीं मासूमियत होती है बच्चों की — Raj Tiwari
सादगी ऐसी कि मंदिर का हो दीया और ये मासूमियत तो क़त्ल कर दे — arjun chamoli
इश्क़ की मासूमियत ये देखिए चूमते हैं लब इजाज़त माँग कर — Saheb Shrey
तिरी मासूमियत बर्बाद कर देगी मुझे इक दिन बिना काँटों भरी राहें सभी आसाँ समझते हैं — arjun chamoli

यह शब्द अछूती पवित्रता और बालसुलभ निर्दोषता के सार को पकड़ता है। कविता में, यह अक्सर खोई हुई मासूमियत या एक अछूती आत्मा की सुंदरता के लिए एक प्रकार की उदासीनता को दर्शाता है।

कवि इस शब्द का उपयोग मासूमियत के खोने का शोक मनाने या एक बच्चे के दिल की पवित्रता का जश्न मनाने के लिए कर सकते हैं। यह प्रकृति की अछूती सुंदरता का भी प्रतीक हो सकता है।

मा'सूमी पवित्रता में पाई जाने वाली सुंदरता और एक सरल, निष्कलंक समय की लालसा की एक कोमल याद दिलाती है।