Meaning of

मिसरों

misron • مصرعوں

कविता की पंक्तियाँ; शेर

verses; lines of poetry

شعر کی سطریں; اشعار

Arabic

इस-क़दर खा बैठी तन्हाई जवानी याँ हमारी
सिर्फ़ दो मिसरों में ही सिमटी कहानी याँ हमारी

गुल भी मुरझा जाते हैं अब देख के चेहरा हमारा
देख डरता था कभी सागर रवानी याँ‌ हमारी

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हम दोनो मिसरों से मिल कर के इक मतला हो पाता है
इक दूजे से बिछड़ेंगें तो बात अधूरी रह जाएगी

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अधूरे शे'र के मिसरों को देखा तो
किसे कहते हैं तन्हाई समझ आई

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जी लगाई है मैं ने ये गंदी आदत इन सभी को
जो ये मेरे दोस्त सब मिसरों पे मिसरे मारते हैं

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हम ने तो बस वज़्न गिराया है मिसरों में
तुम ने तो अपना मेआ'र भी गिरा रखा है

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कैसे महदूद हो दो मिसरों में
एक मुफ़लिस की ज़िंदगी का दुख

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चार मिसरों से कहो कांधे पे अपने
ले चलें हम को सुख़न की वादियों में

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इस-क़दर खा बैठी तन्हाई जवानी याँ हमारी
सिर्फ़ दो मिसरों में ही सिमटी कहानी याँ हमारी

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इस-क़दर खा बैठी तन्हाई जवानी याँ हमारी
सिर्फ़ दो मिसरों में ही सिमटी कहानी याँ हमारी

गुल भी मुरझा जाते हैं अब देख के चेहरा हमारा
देख डरता था कभी सागर रवानी याँ‌ हमारी

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हम दोनो मिसरों से मिल कर के इक मतला हो पाता है
इक दूजे से बिछड़ेंगें तो बात अधूरी रह जाएगी

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मूल रूप से 'मिसरों' कविता की संरचित पंक्तियों को संदर्भित करता है, जिनमें अपनी लय और अर्थ होते हैं। कविता में, ये पंक्तियाँ भावनाओं और विचारों को एक समग्र रूप में बुनती हैं।

'मिसरों' का उपयोग कवि भावनाओं की जटिल बुनावट बनाने के लिए करते हैं। प्रत्येक पंक्ति एक स्तंभ की तरह खड़ी होती है, जो कविता के विषय का भार सहन करती है। 'मिसरों' के बीच का खेल कवि के इरादे की गूंज पैदा करता है।

कवि के हाथों में, 'मिसरों' केवल पंक्तियाँ नहीं रहतीं; वे कविता की धड़कन बन जाती हैं।