Meaning of

मुआ'नी

mua'ni • معانی

अर्थ; व्याख्याएँ

meanings; interpretations

معنی; تفسیریں

Arabic

बर्बाद होती देख जवानी समझ गए
हम चुप हुए तो लोग कहानी समझ गए

झुकती हुई निगाह का ऐसा हुआ असर
हम भी मोहब्बतों के मआ'नी समझ गए

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मैं उस से बात करने जा चुका था
मगर वो शख़्स आगे जा चुका था

पढ़ाई ख़त्म कर के जब मैं लौटा
कोई अफ़सर उसे ले जा चुका था

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नई नस्लें समझ पाएँ मुहब्बत के मआ'नी
हमें इस वास्ते भी शा'इरी करनी पड़ेगी

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फूल के होंठों से ख़ुश्बू के मआ'नी सुन कर
अपना शे'र अच्छा लगा तेरी ज़ुबानी सुन कर

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मुझे भी बख़्श दे लहजे की ख़ुश-बयानी सब
तेरे असर में हैं अल्फ़ाज़ सब, मआ'नी सब

मेरे बदन को खिलाती है फूल की मानिंद
कि उस निगाह में है धूप, छाँव, पानी सब

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अगर तुम देर से सोते हो अफ़सर बन नहीं सकते
अगर तुम वक़्त पे सोते हो शाइ'र बन नहीं सकते

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ग़ज़ल के मुकम्मल मआ'नी को समझो
ग़ज़ल का मुकम्मल तराना नहीं है

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उसे याद करने के बदलो मआ'नी
उसे भूल कर भूल से याद कर लो

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मात्र पचपन-साठ ही घर हैं हमारे गाँव में
हाँ मगर ऊँचे कई सर हैं हमारे गाँव में

खेतिहर उन
में ज़ियादा और अपनी फ़ौज के
नौ सिपाही पाँच अफ़सर हैं हमारे गाँव में

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किसी कॉलेज में पढ़ाता, कहीं टीचर होता
तू जो लाइफ़ में न आती तो मैं अफ़सर होता

अब तो ये हाल है नदियों सा सिमट बैठा हूँ
तिरे चक्कर में न पड़ता तो समुंदर होता

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बर्बाद होती देख जवानी समझ गए
हम चुप हुए तो लोग कहानी समझ गए

झुकती हुई निगाह का ऐसा हुआ असर
हम भी मोहब्बतों के मआ'नी समझ गए

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मैं उस से बात करने जा चुका था
मगर वो शख़्स आगे जा चुका था

पढ़ाई ख़त्म कर के जब मैं लौटा
कोई अफ़सर उसे ले जा चुका था

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मूल रूप में 'मुआ'नी' का अर्थ होता है अर्थ या व्याख्या, जो अक्सर किसी पाठ या शब्द के समझने के संदर्भ में प्रयोग होता है। कविता में, यह उन अर्थों की परतों को समेटता है जो कवि अपने कार्य में बुनता है, पाठकों को पाठ में गहराई से उतरने के लिए आमंत्रित करता है।

'मुआ'नी' का प्रयोग कवि अक्सर भाषा और भावना की गहराईयों को खोजने के लिए करते हैं। यह शब्दशः और रूपक के बीच एक पुल के रूप में कार्य करता है, जो व्याख्या की एक समृद्ध गाथा की अनुमति देता है। यह शब्द चिंतन और आत्मनिरीक्षण को आमंत्रित करता है।

'मुआ'नी' शब्दों की शक्ति का प्रमाण है, जो अपनी सतह से परे जाकर अनंत खोज को आमंत्रित करता है।