Meaning of

मुक़म्मल

muqammal • مکمل

पूर्ण; संपूर्ण

complete; perfect

مکمل; کامل

Arabic

चाँद सा मिस्रा अकेला है मिरे काग़ज़ पर छत पे आ जाओ मिरा शे'र मुकम्मल कर दो — Bashir Badr
वो पूछे तो बता देना हमारा हाल ये उस को मुकम्मल ख़्वाब आँखों में अधूरे है बिना उस के — Rohit Gustakh
कभी किसी को मुकम्मल जहाँ नहीं मिलता कहीं ज़मीन कहीं आसमाँ नहीं मिलता — Nida Fazli
अब मिरा ध्यान कहीं और चला जाता है अब कोई फ़िल्म मुकम्मल नहीं देखी जाती — Jawwad Sheikh
घर की इस बार मुकम्मल मैं तलाशी लूँगा ग़म छुपा कर मिरे माँ बाप कहाँ रखते थे — Unknown
आँखें देखूँ तो नज़र चेहरे से हट जाती है ऐसी औरत है मुकम्मल नहीं देखी जाती — Fareh Shujeeh
चलता रहने दो मियाँ सिलसिला दिलदारी का आशिक़ी दीन नहीं है कि मुकम्मल हो जाए — Abbas Tabish

'मुक़म्मल' शब्द पूर्णता और संपूर्णता का भाव जगाता है। कविता में, यह अक्सर आदर्श स्थिति का संकेत देता है, जहाँ कुछ भी अधूरा नहीं होता और सब कुछ सामंजस्य में होता है।

कवि 'मुक़म्मल' का उपयोग आदर्श प्रेम या एक संपूर्ण क्षण का वर्णन करने के लिए करते हैं। यह उन शब्दों के विपरीत है जो अधूरापन या लालसा का संकेत देते हैं।

अपने काव्यात्मक सार में, 'मुक़म्मल' पूर्णता की मायावी खोज को पकड़ता है।