Meaning of

मुक़ाम

maqaam • مقام

स्थान; स्थिति; पद

station; status; rank

مقام; حیثیت; رتبہ

Arabic

चमन में रखते हैं काँटे भी इक मक़ाम ऐ दोस्त
फ़क़त गुलों से ही गुलशन की आबरू तो नहीं

13

Download Image

ग़म और ख़ुशी में फ़र्क़ न महसूस हो जहाँ
मैं दिल को उस मक़ाम पे लाता चला गया

78

Download Image

उसी मक़ाम पे कल मुझ को देख कर तन्हा
बहुत उदास हुए फूल बेचने वाले

65

Download Image

जगह की क़ैद नहीं थी कोई कहीं बैठे
जहाँ मक़ाम हमारा था हम वहीं बैठे

अमीर-ए-शहर के आने पे उठना पड़ता है
लिहाज़ा अगली सफ़ों में कभी नहीं बैठे

58

Download Image

लाई है किस मक़ाम पे ये ज़िंदगी मुझे
महसूस हो रही है ख़ुद अपनी कमी मुझे

52

Download Image

मक़ाम 'फ़ैज़' कोई राह में जचा ही नहीं
जो कू-ए-यार से निकले तो सू-ए-दार चले

34

Download Image

उम्र के आख़िरी मक़ाम में हम
मिल भी जाए तो क्या ख़ुशी होगी

क्या सितम तुम को देखने के लिए
हम को दुनिया भी देखनी होगी

32

Download Image

जहाँ पहुँच के क़दम डगमगाए हैं सब के
उसी मक़ाम से अब अपना रास्ता होगा

31

Download Image

ये किस मक़ाम पे लाई है ज़िंदगी हम को
हँसी लबों पे है सीने में ग़म का दफ़्तर है

30

Download Image

ख़ौफ़ आता है अपने साए से
हिज्र के किस मक़ाम पर हूँ मैं

24

Download Image

चमन में रखते हैं काँटे भी इक मक़ाम ऐ दोस्त
फ़क़त गुलों से ही गुलशन की आबरू तो नहीं

13

Download Image

ग़म और ख़ुशी में फ़र्क़ न महसूस हो जहाँ
मैं दिल को उस मक़ाम पे लाता चला गया

78

Download Image

'मुक़ाम' किसी के स्थान या स्थिति का भार वहन करता है, भौतिक और रूपक दोनों अर्थों में। कविता में, यह अक्सर आत्मा की यात्रा, जीवन के चरणों, या आध्यात्मिक ऊँचाइयों की प्राप्ति को दर्शाता है। यह पहचान और उद्देश्य की खोज के साथ गूंजता है।

कवि 'मुक़ाम' का उपयोग व्यक्तिगत विकास, आध्यात्मिक आरोहण, और दुनिया में अपनी जगह की खोज के विषयों का अन्वेषण करने के लिए करते हैं। यह भौतिक स्थान या रूपकात्मक स्थिति को दर्शा सकता है। यह शब्द अक्सर यात्रा और परिवर्तन की भावना को उभारता है।

जीवन के ताने-बाने में, 'मुक़ाम' उन मील के पत्थरों की याद दिलाता है जिन्हें हम खोजते हैं और जिन रास्तों पर हम चलते हैं।