Meaning of

मुख़ातिब

mukhaatib • مخاطب

संबोधित व्यक्ति; वार्ताकार

addressee; interlocutor

مخاطب; ہم کلام

Arabic

तुम मुख़ातिब भी हो क़रीब भी हो तुम को देखें कि तुम से बात करें — Firaq Gorakhpuri
इतने अदब के साथ मुख़ातिब किया मुझे उर्दू थी वो ज़बान जो दिल में उतर गई — Irshad 'Arsh'
रात भर दीदा-ए-पुर-नूर से मुख़ातिब थे फ़ज्र होते ही हमें तीरगी नज़र आई — Kamran Abbas
तुम ने किस कैफ़ियत में मुख़ातब किया कैफ़ देता रहा लफ़्ज़-ए-'तू' देर तक — Ambreen Haseeb Ambar
इक ज़माने से हर पल मुख़ातिब हूँ मैं इक ज़माने को देखे ज़माना हुआ — Shaan
हर किसी को मैं मुख़ातिब कह के "तुम" करता नहीं हूँ तुम को जो "तुम" कह दिया समझो बहुत ही ख़ास हो तुम — A R Sahil "Aleeg"

मुख़ातिब वह है जिसके लिए शब्द निर्देशित होते हैं, मौन श्रोता या संवाद में सक्रिय भागीदार। कविता में, यह अक्सर प्रिय, प्रेरणा या यहां तक कि स्वयं का प्रतिनिधित्व करता है, विचारों और भावनाओं के अंतरंग आदान-प्रदान को दर्शाता है।

कवि मुख़ातिब का उपयोग पाठक या श्रोता के साथ सीधा संबंध बनाने के लिए करते हैं। यह दिव्य के लिए एक पुकार, स्वयं के साथ एक बातचीत, या अनुपस्थित प्रिय के साथ एक संवाद हो सकता है। यह शब्द वक्ता और श्रोता के बीच की खाई को पाटता है।

मुख़ातिब संचार और संबंध के सार को समेटे हुए है। यह शब्दों की शक्ति की याद दिलाता है जो दूरियों को पाट सकती है।