Meaning of

मुख़ालिफ़

mukhalif • مخالف

विरोधी; प्रतिद्वंद्वी; विपरीत

opponent; adversary; contrary

مخالف; حریف; متضاد

Arabic

हो मुख़ालिफ़ तो फिर आ जाओ खुले मैदान में अपनी क़ुव्वत आज़माओ, धमकियाँ अंदर रखो — Ashraf Ali
कोई सूरज के मुख़ालिफ़ ही भला क्यूँ होगा रौशनी से तो अदावत है फ़क़त उल्लू को — Nityanand Vajpayee
मुझ को मुख़ालिफ़ों की रंजिश तो है क़ुबूल लेकिन मुनाफ़िक़ों की क़ुर्बत नहीं पसंद — Ansar Eatvi
ये ही सबब है मुख़ालिफ़ हैं अकरबा मेरे मेरा मिज़ाज है सच बात मुँह पे बोलता हूँ — Shajar Abbas
हैं जो आईन मुहब्बत के मुख़ालिफ़ 'असलम' पास होते नहीं दिल वालों के एवानों में — Javed Aslam
हम को भी उस सेे प्यार हुआ इस जहान में जो शख़्स बचपने से मुख़ालिफ़ था प्यार का — Shajar Abbas
सितम की घर से निकल के बाहर मुख़ालिफ़त कर मुख़ालिफ़त कर क़दम क़दम पर मुख़ालिफ़त कर — Shajar Abbas

मुख़ालिफ़ मूलतः किसी व्यक्ति या वस्तु को दर्शाता है जो विरोध में खड़ा होता है। कविता में, यह अक्सर विपरीत शक्तियों के बीच के तनाव को दर्शाता है, चाहे वह प्रेम और घृणा हो, या आशा और निराशा।

कवि 'मुख़ालिफ़' का उपयोग संघर्ष और समाधान के विषयों की खोज के लिए करते हैं। यह आंतरिक उथल-पुथल या बाहरी लड़ाइयों का प्रतीक हो सकता है। यह शब्द अक्सर 'मुवाफ़िक़' (सहमति) के विपरीत होता है, जिससे सामंजस्य और असहमति को उजागर किया जाता है।

अपने काव्यात्मक सार में, 'मुख़ालिफ़' विरोध की सुंदरता को पकड़ता है, जहाँ संघर्ष सृजनशीलता को जन्म देता है।