Meaning of

मुज़रिम

muzrim • مجرم

अपराधी; दोषी

criminal; offender

مجرم; قصوروار

Arabic

मुंसिफ़ हो अगर तुम तो कब इंसाफ़ करोगे मुजरिम हैं अगर हम तो सज़ा क्यूँँ नहीं देते — Ahmad Faraz
आईने के दोनों तरफ़ मुजरिम खड़ा है और लोग हैं कि आईने को गुनहगार बताते हैं — Murli Dhakad
साथ उस का छोड़ता हूँ, हाथ ऐसे काँपते है जुर्म करने पर कोई मुजरिम के जैसे काँपते है — karan singh rajput
तुम हमारा घर जलाते जा रहे हो कुछ नहीं हम ने अपना घर बचाया और मुज़रिम हो गए — Umesh Maurya
तू तो अपनी शातिर आँखों का मुजरिम है प्यारे फिर बिन्त-ए-हव्वा पर क्यूँ इल्ज़ाम लगाया जाए — Meem Alif Shaz
वुफ़ूर-ए-ग़म में भी कैफ़-ओ-नशात का आलम निज़ाम-ए-दहर में वजह-ए-सुरूर है कोई — Dharmesh bashar
हम खड़े रहते हैं मुजरिम की तरह महफ़िल में उन का अंदाज़ वकीलों की तरह होता है — Shakir Dehlvi
ये किस ने जेल में लाया खाना हाए अल्लाह मुजरिम का भी है कोई दीवाना हाए अल्लाह — Mohd Afsar
कोई मुजरिम नहीं है इस दफ़ा याँ ख़ुद अपने आप से नाराज़ हूँ मैं — Sohil Barelvi

मुज़रिम नैतिक और कानूनी उल्लंघन का भार वहन करता है। कविता में, यह अक्सर अपराधबोध के आंतरिक संघर्ष और उसके बाद के सामाजिक निर्णय का प्रतीक होता है। यह एक ऐसी दुनिया को जगाता है जहाँ कार्यों के परिणाम होते हैं, और आत्मा अपनी छायाओं से जूझती है।

कवि मुज़रिम का उपयोग अपराधबोध, मोचन और मानव स्थिति के विषयों का पता लगाने के लिए करते हैं। यह सामाजिक निंदा और क्षमा के लिए संघर्ष को भी दर्शा सकता है।

मुज़रिम मानव त्रुटिपूर्णता और मोचन की खोज के सार को पकड़ता है, जो एक कालातीत काव्यात्मक अन्वेषण है।