Meaning of

मुद्दत

muddat • مدت

अवधि; काल; युग

period; duration; era

مدت; دورانیہ; عہد

Arabic

मुद्दतों बा'द इक शख़्स से मिलने के लिए आइना देखा गया, बाल सँवारे गए — Jaun Elia
हुई मुद्दत कि 'ग़ालिब' मर गया पर याद आता है वो हर इक बात पर कहना कि यूँँ होता तो क्या होता — Mirza Ghalib
मुद्दत के बा'द ख़्वाब में आया था मेरा बाप और उस ने मुझ सेे इतना कहा ख़ुश रहा करो — Abbas Tabish
चंद कलियाँ नशात की चुन कर मुद्दतों महव-ए-यास रहता हूँ तेरा मिलना ख़ुशी की बात सही तुझ से मिल कर उदास रहता हूँ — Sahir Ludhianvi
मुद्दतों ब'अद मुयस्सर हुआ माँ का आँचल मुद्दतों ब'अद हमें नींद सुहानी आई — Iqbal Ashhar
मुद्दतें गुज़र गई 'हिसाब' नहीं किया न जाने अब किस के कितने रह गए हम — Kumar Vishwas
मैं ने मुद्दत से कोई ख़्वाब नहीं देखा है हाथ रख दे मेरी आँखों पे कि नींद आ जाए — Waseem Barelvi
मुद्दत के बा'द आज उसे देख कर 'मुनीर' इक बार दिल तो धड़का मगर फिर सँभल गया — Muneer Niyazi
परिंद शाख़ पे तन्हा उदास बैठा है उड़ान भूल गया मुद्दतों की बंदिश में — Khaleel Tanveer

'मुद्दत' समय के प्रवाह का सार प्रस्तुत करता है, एक ऐसा विस्तार जो क्षणभंगुर पलों और स्थायी युगों दोनों को समेट सकता है। कविता में, यह अक्सर प्रतीक्षा के भार, जीवन के धीमे खुलासे और बीते समय की याद के प्रतीक के रूप में आता है।

कवि 'मुद्दत' का उपयोग लंबे समय तक प्रतीक्षा या बीते युग पर चिंतन को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह प्रेम में धैर्य या परिवर्तन की अनिवार्यता का सुझाव दे सकता है। यह शब्द तात्कालिकता के विपरीत है, समय की धीमी गति को उजागर करता है।

'मुद्दत' हमें जीवन के ताने-बाने में बुने धैर्य की याद दिलाता है। यह समय और स्मृति की स्थायी प्रकृति की एक कोमल याद दिलाता है।