Meaning of

मुनाफ़िक

munaafiq • منافق

पाखंडी; कपटी व्यक्ति

hypocrite; deceitful person

منافق; دھوکے باز شخص

Arabic

तवाज़ुन खो चुके ईमान वाले
मुनाफ़िक़ हो गया है गाँव सारा

2

Download Image

मुनाफ़िक़ दोस्तों से लाख बेहतर हैं ख़ुदा दुश्मन
कि ग़द्दारी नवाबों से हुकूमत छीन लेती है

58

Download Image

मुनाफ़िक़ के चेले किए जा रहे हैं
अजब कारना
में किए जा रहे हैं

नमाज़ें तो इनसे अदा हो न पाई
मज़ारों पे सज़दे किए जा रहे हैं

8

Download Image

बस एक बार हो तेरी निगाह मेरी तरफ़
फिर उस के बा'द मुझे कोई शै नहीं दरकार

7

Download Image

ज़मीं को तर-ब-तर करने किसी दिन आएगा बादल
न जाने किन ग़रीबों के घरों को खाएगा बादल

सितारे नोच लाऊँगा किसी दिन ज़िद पे आया तो
अभी ग़र्दिश में हूँ यारों बहुत इतराएगा बादल

ये सारी मछलियाँ जब बद-दुआ देने लगेंगी तब
समुंदर प्यास से तड़पेगा और मर जाएगा बादल

कहीं पर कम कहीं ज़्यादा ये कैसा फ़ैसला तेरा
सॅंभल जा वक़्त है वरना बहुत पछताएगा बादल

मुनाफ़िक़ है ये रातों का किसी को भी नहीं बख़्शा
जवानी ज़ुल्फ़ आँखें और क्या-क्या खाएगा बादल

हमीं हैं जो तुझे सर पे चढ़ाकर फिरते रहते हैं
कुशादा ज़र्फ़ कर लें हम तो क्या टिक पाएगा बादल

7

Download Image

अच्छा तो है बहुत पर मन से नहीं गया है
भीतर गया मगर वो उतने नहीं गया है

मैं ने मुनाफ़िक़ों को बाहर किया है ख़ुद ही
वो शख़्स ज़िंदगी से ऐसे नहीं गया है

4

Download Image

बन जाते हैं अपनी ग़रज़ की ख़ातिर आशिक़ लोग
मेरी नज़र में हैं कुछ ऐसे भी मुनाफिक़ लोग

3

Download Image

मुनाफ़िक और मुशरिक में कहीं अफ़ज़ल नहीं कोई
यहाँँ तो शहर हैं लेकिन इधर जंगल नहीं कोई

3

Download Image

मुनाफि़कों की बहुत ही तवील थी फहरिस्त
जो उस को परखा तो इक नाम और उभर आया

3

Download Image

सभी ग़मों के मुआफिक़ बना दिया है मुझे
मोहब्बतों के मुताबिक़ बना दिया है मुझे

सवाल करने लगा हूँ ख़ुदा की करनी पर
तुम्हारे ग़म ने मुनाफ़िक़ बना दिया है मुझे

2

Download Image

तवाज़ुन खो चुके ईमान वाले
मुनाफ़िक़ हो गया है गाँव सारा

2

Download Image

मुनाफ़िक़ दोस्तों से लाख बेहतर हैं ख़ुदा दुश्मन
कि ग़द्दारी नवाबों से हुकूमत छीन लेती है

58

Download Image

मुनाफ़िक एक ऐसे व्यक्ति को संदर्भित करता है जो उन विश्वासों या गुणों का दिखावा करता है जो उसके पास नहीं होते, अक्सर व्यक्तिगत लाभ के लिए। कविता में, यह आंतरिक संघर्ष और नैतिक अस्पष्टता का प्रतीक बन जाता है, जो मानव स्वभाव की द्वैतता को दर्शाता है।

कवि 'मुनाफ़िक' का उपयोग धोखे और आत्म-विश्वासघात के विषयों का अन्वेषण करने के लिए करते हैं, अक्सर बाहरी दिखावे और छिपे हुए सत्य के बीच विरोधाभास दिखाते हैं। यह सामाजिक मानदंडों और व्यक्तिगत अखंडता की आलोचना के रूप में कार्य करता है।

मुनाफ़िक हमें उन मुखौटों का सामना करने की चुनौती देता है जो हम पहनते हैं, प्रामाणिकता और सत्य पर गहन चिंतन का आग्रह करता है।