Meaning of

मुनाफ़िक़

munaafiq • منافق

पाखंडी; कपटी व्यक्ति

hypocrite; deceitful person

منافق; دھوکے باز شخص

Arabic

मुनाफ़िक़ दोस्तों से लाख बेहतर हैं ख़ुदा दुश्मन कि ग़द्दारी नवाबों से हुकूमत छीन लेती है — Unknown
बस एक बार हो तेरी निगाह मेरी तरफ़ फिर उस के बा'द मुझे कोई शै नहीं दरकार — Salman ashhadi sahil
मुनाफ़िक और मुशरिक में कहीं अफ़ज़ल नहीं कोई यहाँँ तो शहर हैं लेकिन इधर जंगल नहीं कोई — Afzal Sultanpuri
तवाज़ुन खो चुके ईमान वाले मुनाफ़िक़ हो गया है गाँव सारा — Afzal Sultanpuri
ज़मीं को तर-ब-तर करने किसी दिन आएगा बादल न जाने किन ग़रीबों के घरों को खाएगा बादल सितारे नोच लाऊँगा किसी दिन ज़िद पे आया तो अभी ग़र्दिश में हूँ यारों बहुत इतराएगा बादल ये सारी मछलियाँ जब बद-दुआ देने लगेंगी तब समुंदर प्यास से तड़पेगा और मर जाएगा बादल कहीं पर कम कहीं ज़्यादा ये कैसा फ़ैसला तेरा सॅंभल जा वक़्त है वरना बहुत पछताएगा बादल मुनाफ़िक़ है ये रातों का किसी को भी नहीं बख़्शा जवानी ज़ुल्फ़ आँखें और क्या-क्या खाएगा बादल हमीं हैं जो तुझे सर पे चढ़ाकर फिरते रहते हैं कुशादा ज़र्फ़ कर लें हम तो क्या टिक पाएगा बादल — "Nadeem khan' Kaavish"
मुनाफि़कों की बहुत ही तवील थी फहरिस्त जो उस को परखा तो इक नाम और उभर आया — Saleem Kashif
बन जाते हैं अपनी ग़रज़ की ख़ातिर आशिक़ लोग मेरी नज़र में हैं कुछ ऐसे भी मुनाफिक़ लोग — Amaan mirza

'मुनाफ़िक़' शब्द कपट और दोहरेपन का गहरा अर्थ रखता है। अपने मूल अर्थ में, यह ऐसे व्यक्ति को संदर्भित करता है जो उन विश्वासों या गुणों का दिखावा करता है जो उसके पास नहीं होते। कविता अक्सर ऐसे पाखंड के भावनात्मक उथल-पुथल और सामाजिक प्रभाव की गहराई में जाती है।

कवि 'मुनाफ़िक़' का उपयोग विश्वासघात और आंतरिक संघर्ष के विषयों की खोज के लिए करते हैं। यह अक्सर सामाजिक मानदंडों या व्यक्तिगत संबंधों की आलोचना के रूप में कार्य करता है, मानव स्वभाव की छिपी परतों को उजागर करता है।

कविता में 'मुनाफ़िक़' शब्द आत्मा के अंधेरे कोनों का दर्पण बनता है, आत्मनिरीक्षण और ईमानदारी का आग्रह करता है।