Meaning of

मुनाफ़िक़

munaafiq • منہافق

पाखंडी; कपटी; असत्य

hypocrite; deceitful; insincere

منافق; دھوکے باز; غیر مخلص

Arabic

मुनाफ़िक़ दोस्तों से लाख बेहतर हैं ख़ुदा दुश्मन कि ग़द्दारी नवाबों से हुकूमत छीन लेती है — Unknown
ज़मीं को तर-ब-तर करने किसी दिन आएगा बादल न जाने किन ग़रीबों के घरों को खाएगा बादल सितारे नोच लाऊँगा किसी दिन ज़िद पे आया तो अभी ग़र्दिश में हूँ यारों बहुत इतराएगा बादल ये सारी मछलियाँ जब बद-दुआ देने लगेंगी तब समुंदर प्यास से तड़पेगा और मर जाएगा बादल कहीं पर कम कहीं ज़्यादा ये कैसा फ़ैसला तेरा सॅंभल जा वक़्त है वरना बहुत पछताएगा बादल मुनाफ़िक़ है ये रातों का किसी को भी नहीं बख़्शा जवानी ज़ुल्फ़ आँखें और क्या-क्या खाएगा बादल हमीं हैं जो तुझे सर पे चढ़ाकर फिरते रहते हैं कुशादा ज़र्फ़ कर लें हम तो क्या टिक पाएगा बादल — "Nadeem khan' Kaavish"
बन जाते हैं अपनी ग़रज़ की ख़ातिर आशिक़ लोग मेरी नज़र में हैं कुछ ऐसे भी मुनाफिक़ लोग — Amaan mirza
मुनाफि़कों की बहुत ही तवील थी फहरिस्त जो उस को परखा तो इक नाम और उभर आया — Saleem Kashif
तवाज़ुन खो चुके ईमान वाले मुनाफ़िक़ हो गया है गाँव सारा — Afzal Sultanpuri
मुनाफ़िक और मुशरिक में कहीं अफ़ज़ल नहीं कोई यहाँँ तो शहर हैं लेकिन इधर जंगल नहीं कोई — Afzal Sultanpuri
चश्म-ओ-दिल में नहीं है यक-रंगी आदमी ख़ुद में इक मुनाफ़िक़ है — Hameed Sarwar Bahraichi

'मुनाफ़िक़' मूल रूप से उस व्यक्ति को दर्शाता है जो उन विश्वासों या गुणों का दिखावा करता है जो उसके पास नहीं होते। कविता में, यह अक्सर मानवीय प्रकृति की द्वैतता, दिखावे और वास्तविकता के बीच के संघर्ष को दर्शाता है।

कवि 'मुनाफ़िक़' का उपयोग विश्वासघात और असत्य के विषयों की खोज के लिए करते हैं। यह व्यक्ति के सार्वजनिक व्यक्तित्व और निजी स्व के बीच के तनाव या समाजिक मुखौटे को उजागर कर सकता है।

कविता में, 'मुनाफ़िक़' हमारे छिपे हुए स्व के सायों को प्रतिबिंबित करने वाला दर्पण है।