Meaning of

मूरत

moorat • مورت

मूर्ति; प्रतिमा; छवि

idol; statue; image

مورت; مجسمہ; تصویر

Sanskrit

मैं अपने मन के मंदिर में कोई मूरत तो रख लेता तेरा पर्यायवाची पर कहाँ से ढूँढ़ कर लाऊँ — YAWAR ALI
हुस्न तो है ही मगर वो कोई मूरत है नहीं सिर्फ़ इक तस्वीर ही है वो सदाक़त है नहीं — Manohar Shimpi
एक ग़ज़ल से जिस की मूरत मैं ने आज बनाई है एक दफ़ा जो वो पढ़ ले तो प्राण प्रतिष्ठा हो जाए — Tanoj Dadhich
कहीं इंसान ही पत्थर कहीं पत्थर की मूरत है कभी घर से निकलते हैं तो जादू देख लेते हैं — Anshika Shukla
इतनी भी क्या जल्दी है मेरी मूरत बनवाने की थोड़ा सा तो वक़्त लगेगा ख़ुद पत्थर हो जाने में — Muntazir Firozabadi

मूरत एक निर्मित छवि या मूर्ति को दर्शाता है, जो अक्सर आध्यात्मिक या कलात्मक महत्व से भरी होती है। कविता में, यह अपनी भौतिक रूपरेखा से परे आदर्शों, सुंदरता और दिव्यता का प्रतिनिधित्व करता है।

कवि 'मूरत' का उपयोग सुंदरता और पूर्णता की छवि को जागृत करने के लिए करते हैं। यह अक्सर अप्राप्य आदर्शों या दिव्य उपस्थिति का प्रतीक होता है।

मूरत सुंदरता का सार और दिव्यता की अनन्त खोज को पकड़ता है।