संगेमरमर की तुम कोई मूरत नहींइतनी ज़्यादा भी तुम ख़ूब-सूरत नहींतुझ को मेरी ज़रूरत नहीं है अगरमुझ को भी तेरी कोई ज़रूरत नहीं— Abhishek Srivastava virral