न पूछो मुझ से तुम उस नाज़नीं काअजंता की सी मूरत लग रही थीवो ख़ुद भी देख कर हैराँ थी ख़ुद कोकल इतनी ख़ूब-सूरत लग रही थी— Meem Maroof Ashraf