Meem Maroof Ashraf

Meem Maroof Ashraf

@meemmaroof52982

Meem Maroof Ashraf shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Meem Maroof Ashraf's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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  • Sher
  • Ghazal
  • Nazm

जो हसीं जिस्म खा रहा है तिरा
क्या वो दुल्हन बनाएगा तुझ को

Meem Maroof Ashraf

वो दिल कि जिस ने तुझ को अपना समझा
मैं अब उस दिल पे लानत भेजता हूँ

Meem Maroof Ashraf

अफ़सोस मुझ को छोड़ के जाने से पेश-तर 
वो जा चुका था मुझ को ख़बर बाद में हुई

Meem Maroof Ashraf

मैं चाहता था बस कि मिरे साथ तू रहे
क्या तुझ से और जान मिरी चाहता था मैं

Meem Maroof Ashraf

अब भी जानम मना रहे हैं हम
तेरा मातम मना रहे हैं हम

तू कि ख़ुशियाँ मना रहा है वहाँ
याँ तिरा ग़म मना रहे हैं हम

Meem Maroof Ashraf

ज़ुल्म जो भी किया गया हम पर
सामने सब ख़ुदा के रखना है

Meem Maroof Ashraf

सर कटा कर ही सुर्ख़-रूई है
इश्क़ भी कर्बला का मैदाँ है

Meem Maroof Ashraf

इतने अच्छे नहीं थे हम लेकिन
तेरे सब आशिक़ों से बेहतर थे

Meem Maroof Ashraf

रोज़-ए-अव्वल से सोच रक्खा है
तुझ को दुल्हन बना के रखना है

Meem Maroof Ashraf

देखो मिरे शरीर में कुछ भी नहीं रहा
देखो तुम्हारा इश्क़ मिरा खा गया बदन

Meem Maroof Ashraf

कुर्सी पंखा है और रस्सी है
और ख़ाली है मेरा कमरा भी

Meem Maroof Ashraf

अच्छा जादू कर लेती हो
सब पर क़ाबू कर लेती हो

Meem Maroof Ashraf

निहायत इश्क़ है उस को भी 'अशरफ़'
मगर मुझ से नहीं ये खल रहा है

Meem Maroof Ashraf

यूँ भी हक़ मुझ पे तेरा बनता है
मुझ से जो उम्र में बड़ी है तू

Meem Maroof Ashraf

उस को लगती है हँसी झूटी हँसी
खा गई मुझ को मिरी झूटी हँसी

Meem Maroof Ashraf

इस उम्मीद पे काट रहे हैं
जो भी हो अच्छा होता है

Meem Maroof Ashraf

एक जा तुझ पे कभी नज़रें ठहरती ही नहीं
क़ामत-ए-ज़ेबा कभी नोक-ए-पलक देखते हैं

Meem Maroof Ashraf

फिर भी उफ़ तक न कहा हम ने उसे
वरना क्या कुछ न हमें उस ने कहा

Meem Maroof Ashraf

जब भी कहती हो तुम ख़ुदा हाफ़िज़
ऐसा लगता है जान जाती है

Meem Maroof Ashraf

आज पकड़ा है हाथ हाथों में
आ गई काइनात हाथों में

Meem Maroof Ashraf

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