Meaning of

यकसान

yaksan • یکساں

समान; बराबर; एकरूप

uniform; equal; consistent

یکساں; برابر; ہم آہنگ

Persian

ख़ताएँ दोनों की यकसाँ थी पर त'अज्जुब है किसी को दाद मिली और किसी को रुसवाई — Zehra Nigaah
संग रह जाते थे पानी पे ही लिख के राम का नाम कृष्ण के छूने से यकसाँ बाँस बन जाते थे मुरली — Chhayank Tyagi
कहाँ यकसाँ नज़र है कहाँ यकसानियत है है हासिल सब किसी को किसी को रिज़्क़ भी कम — Sanjay Bhat
ये हक़ीक़त और ये उम्मीद, यकसाँ क्यूँ नहीं है मुफ़लिसी जब हो मुक़द्दर, चल रही साँसे सज़ा हो — Zain Aalamgir
हमारे तुम्हारे ख़यालात यकसाँ चलो फिर किसी रोज़ मिलते है घर पर — salman khan "samar"

यकसान समानता और बराबरी की भावना को व्यक्त करता है, जो अक्सर सामंजस्य और संतुलन का संकेत देता है। कविता में, यह भावनाओं में स्थिरता के आदर्श या जीवन के अनुभवों में संतुलन की इच्छा को दर्शा सकता है।

कवि 'यकसान' का उपयोग संतुलन और समानता के विषयों का अन्वेषण करने के लिए करते हैं। यह संबंधों में सामंजस्य की खोज या प्रकृति के चक्रों की एकरूपता का प्रतीक हो सकता है।

यकसान हमें अराजकता में संतुलन खोजने के लिए आमंत्रित करता है, जो समरूपता और स्थिरता में सुंदरता की याद दिलाता है।