Meaning of

या-रब

ya-rab • یا رب

हे भगवान; ओ प्रभु

O Lord; Oh God

یا اللہ; اے خدا

Arabic

फ़क़त दो-चार ईदें और बढ़ा दे साल में या रब गले बाबा के लगने को बहाने चाहता हूँ मैं — Haider Khan
अनोखी वज़्अ' है सारे ज़माने से निराले हैं ये आशिक़ कौन सी बस्ती के या-रब रहने वाले हैं — Allama Iqbal
बाक़ी न दिल में कोई भी या रब हवस रहे चौदह बरस के सिन में वो लाखों बरस रहे — Ameer Minai
या रब वो न समझे हैं न समझेंगे मिरी बात दे और दिल उन को जो न दे मुझ को ज़बाँ और — Mirza Ghalib
या रब मुझ को अब हक़ रस्ता दिखला भी दे बे मक़्सद इंसाँ को इल्म-ए-रूहानी दे — ALI ZUHRI
या रब मिरी दु'आओं में इतना असर रहे फूलों भरा सदा मिरी बहना का घर रहे — Unknown
ज़िंदगी कितनी मसर्रत से गुज़रती या रब ऐश की तरह अगर ग़म भी गवारा होता — Akhtar Shirani
होगा किसी दीवार के साए में पड़ा 'मीर' क्या रब्त मोहब्बत से उस आराम-तलब को — Meer Taqi Meer
दुनिया की महफ़िलों से उकता गया हूँ या रब क्या लुत्फ़ अंजुमन का जब दिल ही बुझ गया हो — Allama Iqbal
याद-ए-माज़ी 'अज़ाब है या-रब छीन ले मुझ से हाफ़िज़ा मेरा — Akhtar Ansari

या-रब एक आह्वान है, जो दिव्यता की ओर निर्देशित एक विनती है। यह निराशा और आशा का भार वहन करता है, अक्सर गहरे लालसा या संकट के क्षणों में उपयोग किया जाता है। कविता में, यह सांसारिक और दिव्य के बीच एक पुल बन जाता है, हस्तक्षेप या सांत्वना के लिए एक पुकार।

कवि 'या-रब' का उपयोग आत्मा की गहरी सहायता की पुकार, दिव्य दया या समझ के लिए एक आह्वान के रूप में करते हैं।

या-रब दिव्यता के साथ संबंध की शाश्वत मानव खोज का प्रतीक है, मार्गदर्शन के लिए एक कालातीत विनती।