Meaning of

यकसार

yaksaar • یکساں

एकसमान; निरंतर

uniform; consistent

یکساں; مسلسل

Persian

ख़ताएँ दोनों की यकसाँ थी पर त'अज्जुब है किसी को दाद मिली और किसी को रुसवाई — Zehra Nigaah
संग रह जाते थे पानी पे ही लिख के राम का नाम कृष्ण के छूने से यकसाँ बाँस बन जाते थे मुरली — Chhayank Tyagi
कहाँ यकसाँ नज़र है कहाँ यकसानियत है है हासिल सब किसी को किसी को रिज़्क़ भी कम — Sanjay Bhat
पहले दिल जुड़ने देना गहराई से जिस्मों को पहले यक-सार नहीं करना — Milan Gautam
ये हक़ीक़त और ये उम्मीद, यकसाँ क्यूँ नहीं है मुफ़लिसी जब हो मुक़द्दर, चल रही साँसे सज़ा हो — Zain Aalamgir
हमारे तुम्हारे ख़यालात यकसाँ चलो फिर किसी रोज़ मिलते है घर पर — salman khan "samar"

‘यकसार’ शब्द एकरूपता और निरंतरता का भाव जगाता है। अपने मूल अर्थ में, यह किसी ऐसी चीज़ को संदर्भित करता है जो समान और अपरिवर्तनीय हो। कविता ने इस शब्द को अपनाया है ताकि स्थिरता की सुंदरता और समानता में मिलने वाली शांति को व्यक्त किया जा सके।

कवि अक्सर 'यकसार' का उपयोग प्रकृति की स्थिरता की शांत सुंदरता को वर्णित करने के लिए करते हैं। यह जीवन की एकरसता को भी दर्शा सकता है, जो परिवर्तन के क्षणों के विपरीत होता है। यह शब्द संतुलन और सामंजस्य के सार को पकड़ता है।

कविता में, 'यकसार' एकरूपता की शांत शक्ति को समाहित करता है। यह अपरिवर्तनीय में मिलने वाली सुंदरता पर चिंतन का आमंत्रण देता है।