Meaning of

यक़ी

yaqi • یقی

निश्चितता; विश्वास

certainty; conviction

یقین; اعتقاد

Arabic

मुझे यक़ीं है ये ज़हमत नहीं करेगा कोई
बिना गरज़ के मोहब्बत नहीं करेगा कोई

न ख़ानदान में पहले किसी ने इश्क़ किया
हमारे बा'द भी हिम्मत नहीं करेगा कोई

47

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शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई
लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं

841

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झूठ है सब, ज़हीन धोका है
इस नज़र का यक़ीन धोका है

टूट जाएगा दिल तो समझोगे
ये मुहब्बत हसीन धोका है

83

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मैं जब सो जाऊँ इन आँखों पे अपने होंट रख देना
यक़ीं आ जाएगा पलकों तले भी दिल धड़कता है

76

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यक़ीन कर वो तिरे पास लौट आएगा
जब उस का उठने लगेगा यक़ीन लोगों से

72

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यक़ीन उस ने दोबारा बना लिया लेकिन
वो मेरे ज़ेहन से धोखा नहीं निकाल सका

69

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उसे भी धोका मिलेगा यक़ीन है मुझ को
भरोसा वो भी किसी पर तो कर रहा होगा

64

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चमचमाती कार में उस की बिदाई हो गई
पर यक़ीन आता नहीं है बेवफ़ाई हो गई

आख़री चोटी से गिरकर हम मरे हैं इश्क़ की
हम समझते थे हिमालय की चढ़ाई हो गई

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लगा जब कि दुनिया की पहली ज़रूरत मोहब्बत है तब उस ने माना
यक़ीं हो गया जब मोहब्बत ज़रूरत है तब उस ने माना

वगरना तो ये लोग उसे ख़ुद-कुशी के लिए कह चुके थे
उसे आइने ने बताया कि वो ख़ूब-सूरत है तब उस ने माना

52

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तुम्हारे पाँव के नीचे कोई ज़मीन नहीं
कमाल ये है कि फिर भी तुम्हें यक़ीन नहीं

50

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मुझे यक़ीं है ये ज़हमत नहीं करेगा कोई
बिना गरज़ के मोहब्बत नहीं करेगा कोई

न ख़ानदान में पहले किसी ने इश्क़ किया
हमारे बा'द भी हिम्मत नहीं करेगा कोई

47

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शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई
लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं

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'यक़ी' अपने मूल में निश्चितता की अडिग शक्ति को समेटे हुए है। यह जीवन के तूफानों के बीच आत्मा को स्थिर रखने वाला शांत आश्वासन है। कविता ने इस शब्द को मानव विश्वास की गहराइयों को तलाशने के लिए अपनाया है, जहाँ संदेह एक दूरस्थ छाया है।

कवियों ने 'यक़ी' का उपयोग अक्सर अडिग विश्वास में पाई जाने वाली गहरी आंतरिक शक्ति को व्यक्त करने के लिए किया है। यह संदेह के विपरीत है, उद्देश्य की स्पष्टता को उजागर करता है। यह एक ऐसा शब्द है जो अडिग दिलों और अटल आत्माओं की छवियों को सामने लाता है।

कविता में, 'यक़ी' आंतरिक संकल्प का एक प्रकाशस्तंभ है। यह दिल की अडिग यात्रा को संबोधित करता है।