Meaning of

रग़

rag • رگ

शिरा; नस; जीवन-रेखा

vein; nerve; thread of life

رگ; عصب; زندگی کی ڈور

Persian

ये सर्द रात ये आवारगी ये नींद का बोझ
हम अपने शहर में होते तो घर चले जाते

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हज़ारों साल नर्गिस अपनी बे-नूरी पे रोती है
बड़ी मुश्किल से होता है चमन में दीदा-वर पैदा

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रंग-ओ-रस की हवस और बस
मसअला दस्तरस और बस

यूँँ बुनी हैं रगें जिस्म की
एक नस टस से मस और बस

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उस सेे कहो इक बार मेरा नाम पुकारे
उस के बिना साँसों का रिदम टूट रहा है

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गुजर चुकी जुल्मते शब-ए-हिज्र, पर बदन में वो तीरगी है
मैं जल मरुंगा मगर चिरागों के लो को मध्यम नहीं करूँगा

ये अहद ले कर ही तुझ को सौंपी थी मैं ने कलबौ नजर की सरहद
जो तेरे हाथों से क़त्ल होगा मैं उस का मातम नहीं करूँगा

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वो बुज़ुर्गों की बताई तो कहीं मिलती नहीं
अब दुखों को झेलती ही बस जवानी रह गई

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घर भरा होता है पर एक कमी होती है
एक तस्वीर बहुत हँसती हुई होती है

जिन को चारागरों की सूईयाँ नहीं चुभती हैं
ऐसे बच्चों को कोई बात चुभी होती है

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छोड़ो दुनिया की परवाहें, करो मोहब्बत
मुश्किल हों कितनी भी राहें, करो मोहब्बत

सुन कर देखो सारे मंदिर यही कहेंगे
यही कहेंगी सब दरगाहें, करो मोहब्बत

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रगों में दौड़ते फिरने के हम नहीं क़ायल
जब आँख ही से न टपका तो फिर लहू क्या है

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चारा-गर ऐ चारा-गर चिल्लाती थी
ज़ख़्मों को भी हाथ नहीं लगवाती थी

पता नहीं कैसा माहौल था उस के घर
बुर्का पहन के शर्टें लेने आती थी

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ये सर्द रात ये आवारगी ये नींद का बोझ
हम अपने शहर में होते तो घर चले जाते

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हज़ारों साल नर्गिस अपनी बे-नूरी पे रोती है
बड़ी मुश्किल से होता है चमन में दीदा-वर पैदा

207

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मूल रूप से 'रग़' शरीर की शिराओं या नसों को संदर्भित करता है जो जीवन को वहन करती हैं। कविता में, यह जीवन का प्रतीक बन जाता है, वे नाज़ुक धागे जो अस्तित्व को बांधते हैं, अक्सर संवेदनशीलता और भावनाओं की अदृश्य धाराओं को उजागर करते हैं।

'रग़' का उपयोग कवि जीवन की नाजुकता और अदृश्य भावनात्मक धाराओं के विषयों की खोज के लिए करते हैं। यह व्यक्तियों के बीच घनिष्ठ संबंधों या जीवन के नाजुक संतुलन का प्रतीक हो सकता है।

काव्यात्मक क्षेत्र में, 'रग़' जीवन के सार का माध्यम बन जाता है, हमारे अस्तित्व को बुनने वाले अदृश्य धागों की याद दिलाता है।