Meaning of

रदीफ़

radif • ردیف

दोहराया गया शब्द या वाक्यांश; पुनरावृत्ति

repeated word or phrase; refrain

دہرایا گیا لفظ یا جملہ; تکرار

Persian

शा'इरी क्या है रदीफ़ ओ क़ाफ़िया क्या च़ीज़ है
आप ही मुझ को बताएँ मैं अभी बेबहर हूँ

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लिखना जो हुआ ख़ुद को इक दिया लिखूँगा मैं
दिलरुबा को अपने बहती हवा लिखूँगा मैं

बे-चैन हो ख़त पढ़ के उस को नींद ना आए
नाम अपना कोने में सर-फिरा लिखूँगा मैं

इश्क़ की ग़ज़ल मेरी हो गई मुकम्मल तो
ख़ुद रदीफ़ बन तुम को क़ाफ़िया लिखूँगा मैं

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अधूरे ज़ीस्त के मिसरे ग़ज़ल कोई अधूरी सी
क़वाफ़ी से बदलते तुम मेरी फ़ितरत रदीफ़ों सी

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रोज़ ही कवाफ़ी से लड़ती हैं मेरी ग़ज़लें
दूर से तमाशा ये अब रदीफ़ें देखेंगी

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रदीफ़ो-क़ाफ़िया-ओ-बह'र का भी इल्म है लाज़िम
फ़क़त दिल टूट जाने से कोई शाइ'र नहीं बनता

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तुम हो पूरी ग़ज़ल, बिंदी उस
में रदीफ़
और झुमका मुझे क़ाफ़िया सा लगे

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अदीब दुनिया समझ रही है तो क्यूँँ न ख़ुद को वहीद कर लूँ
तराश कर हर हुनर को अपने मज़ीद मुर्शिद मुरीद कर लूँ

रदीफ़ बाँधूँ ग़ज़ल में ऐसा हर इक मआ'नी फ़रीद कर लूँ
जरीद लूँ क़ाफ़िए के अश'आर मैं सभी अब शदीद कर लूँ

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हम रदीफ़ थे सो बस चाहते रहे उस को
क़ाफ़िया नहीं थे जो इश्क़ को बदलते हम

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वक़्त लगता हैं रदीफ़-ओ-क़ाफ़िये में
ये ग़ज़ल यूँँ ही नहीं होती मुक़म्मल

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दिलासा ही दिलाया जा रहा है
अभी भी आज़माया जा रहा है

रदीफ़-ओ-काफ़िया के गुर सिखा कर
हमें शाइ'र बनाया जा रहा है

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शा'इरी क्या है रदीफ़ ओ क़ाफ़िया क्या च़ीज़ है
आप ही मुझ को बताएँ मैं अभी बेबहर हूँ

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लिखना जो हुआ ख़ुद को इक दिया लिखूँगा मैं
दिलरुबा को अपने बहती हवा लिखूँगा मैं

बे-चैन हो ख़त पढ़ के उस को नींद ना आए
नाम अपना कोने में सर-फिरा लिखूँगा मैं

इश्क़ की ग़ज़ल मेरी हो गई मुकम्मल तो
ख़ुद रदीफ़ बन तुम को क़ाफ़िया लिखूँगा मैं

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मूल रूप से, 'रदीफ़' कविता में एक दोहराए गए तत्व को संदर्भित करता है, जो अक्सर लय और गूंज पैदा करने के लिए उपयोग किया जाता है। समय के साथ, कवियों ने इसे निरंतरता और भावनात्मक गहराई को व्यक्त करने के लिए उपयोग किया है, जिससे दोहराया गया वाक्यांश कविता के केंद्रीय विषयों को प्रतिध्वनित करता है।

'रदीफ़' का उपयोग कवि अपनी पंक्तियों में एक संगीतात्मक गुण पैदा करने के लिए करते हैं। यह अक्सर एक लंगर के रूप में कार्य करता है, कविता की भावनाओं को स्थिर करता है। दोहराव लालसा, स्मृति, या एक अनंत चक्र को उजागर कर सकता है।

रदीफ़ कविता की धड़कन है, इसकी गहरी भावनाओं को प्रतिध्वनित करती है।