Meaning of

रौनक़ें

raunqen • رونقیں

चमक; शोभा

splendors; radiances

چمک; رونقیں

Arabic

शहर का तब्दील होना शाद रहना और उदास रौनक़ें जितनी यहाँ हैं औरतों के दम से हैं — Muneer Niyazi
सपने गए सुकून भी उल्फ़त चली गई मिलने की अपने आप से फ़ुर्सत चली गई मेरी तो बोलने की ही आदत चली गई तेरे ही साथ सारी शरारत चली गई खुशियांँ थीं उस सेे घर में थीं आंँगन में रौनकें बिटिया के साथ घर की भी बरकत चली गई छूटा तुम्हारा साथ तो बाक़ी ही क्या बचा दिल में जो पल रही थी वो हसरत चली गई आते नहीं फ़क़ीर न साइल भी आजकल माँ क्या गई कि घर की रिवायत चली गई मेरे सुख़न पे तू ने उठाईं जो उँगलियाँ मेरी तमाम उम्र की मेहनत चली गई यूँँंँ भी कभी जहान में इफ़रात में न थी थोड़ी बहुत थी वो भी सदाक़त चली गई होती नहीं है शे'र की आमद भी अब नज़र तुम क्या गए कि लफ़्ज़ की ताक़त चली गई — Nazar Dwivedi
न तोड़ो फूल ये सूना लगेगा गुलिस्ताँ की इसी से रौनक़ें हैं — Ankit gupta
रौनक़ें नहीं जातीं मेरे घर के आँगन से दिल अगर नहीं बँटता घर बँटा नहीं होता — SALIM RAZA REWA
न वो क़हक़हे न वो महफ़िलें न वो मय-कदे की है रौनक़ें हुआ क्या कि देखते-देखते ये निज़ाम सारा बदल गया — Dharmesh bashar
जिन घरों में मुझे रौनकें दिखती थीं घर वही दिखते क्यूँ आज वीरान हैं — Deepika Jain
रौनकें हैं चश्म में लेकिन नमीं है हैं यहाँ सब आप की गोया कमीं है — Azhan 'Aajiz'
कच्चे घर की रौनक़ें पीपल की छाँव छोड़कर बस गए सब शहर में अफ़सोस गाँव छोड़कर — Shajar Abbas

रौनक़ें जीवंत सुंदरता और जीवंत चमक का भाव व्यक्त करता है। यह प्रकाश और आनंद से भरे वातावरण का सुझाव देता है। कविता में, यह अक्सर उत्सव के क्षणों, जीवन की उमंग और दुनिया के आकर्षण का प्रतिनिधित्व करता है।

कवि रौनक़ें का उपयोग उत्सव और आनंद के दृश्यों को जगाने के लिए करते हैं। यह खुशी की चरम सीमा या एक प्रिय क्षण की चमक का प्रतीक हो सकता है। यह शब्द छायाओं और अंधकार के विपरीत, चमक की क्षणभंगुर प्रकृति को उजागर करता है।

रौनक़ें जीवन के सबसे उज्ज्वल क्षणों की क्षणभंगुर सुंदरता को पकड़ता है। यह हमें याद दिलाता है कि जब तक यह रहता है, तब तक प्रकाश को संजोएं।