Meaning of

शरफ़

sharf • شرف

सम्मान; गरिमा; कुलीनता

honor; dignity; nobility

عزت; وقار; شرافت

Arabic

वक़्फ़ हो "अशरफ़" वफ़ा की राह पर तुम इस लिए ख़्वाहिशों को मार दो, ख़ुदगरज़ियाँ अंदर रखो — Ashraf Ali
सारे रौशन दीप "अशरफ़" बुझ गए यूँँ हवा थी बे-रहम, सब कुछ ख़तम — Ashraf Ali
ये काफ़ी है कि हम इक दूसरे पर मरते हैं 'अशरफ़' मोहब्बत साथ जीने का तक़ाज़ा तो नहीं करती — Meem Maroof Ashraf
वही सब लोग 'अशरफ़' आस्तीं के साँप निकले हैं जिन्हें शामिल समझते थे तुम अपने ख़ैर-ख़्वाहों में — Meem Maroof Ashraf
कहते हैं ऐ इंसान तू अशरफ़-उल-मख़्लूक़ात है ढूँढ़ आख़िर तुझ में भला कौन सी ऐसी बात है — Zaan Farzaan
शरफ़ मिला न कभी चाँद देखने का हमें वो ख़ुश-नसीब हैं, जो तुझ को देखते होंगे — KARAN
कब ख़बर थी कि हयात-ए-अशरफ़ तेरी ज़ुल्फ़ों में उलझ जाएगी — Meem Maroof Ashraf
गुज़श्ता साल भी 'अशरफ़' यही उम्मीद थी हम को कि ये जो साल आया है ख़ुशी की घड़ियाँ लाएगा — Meem Maroof Ashraf

'शरफ़' अपने मूल में अंतर्निहित गरिमा और कुलीनता का भाव प्रकट करता है। यह किसी व्यक्ति या कार्य की छवि को सम्मान और प्रशंसा के योग्य बनाता है। कविता में, यह शब्द अक्सर आंतरिक मूल्य और नैतिक कद को दर्शाता है, जो केवल सामाजिक स्थिति से परे होता है।

कवि 'शरफ़' का उपयोग सच्ची कुलीनता और सतही भव्यता के बीच के अंतर को उजागर करने के लिए करते हैं। यह अक्सर उन छंदों में प्रकट होता है जो सामाजिक मूल्यों पर प्रश्न उठाते हैं या विनम्रता की मौन गरिमा का उत्सव मनाते हैं।

कविता के क्षेत्र में, 'शरफ़' आत्मा के सच्चे मूल्य को प्रतिबिंबित करने वाला दर्पण बन जाता है। यह सच्चे कुलीन होने के अर्थ पर विचार करने के लिए आमंत्रित करता है।