Meaning of

संग-ए-मरमर

sang-e-marmar • سنگ مرمر

संगमरमर

marble

سنگ مرمر

Persian

गरीबों की मुहब्बत का नहीं है मोल कोई अब वगर्ना देखते सारे जहाँ में संगमरमर तुम — Ganesh gorakhpuri
अपनी मिट्टी ही पे चलने का सलीक़ा सीखो संग-ए-मरमर पे चलोगे तो फिसल जाओगे — Iqbal Azeem
ताज को कब तक निहारूँ बैठ तन्हा या'नी मुझ को भी बनाओ संगमरमर — Ganesh gorakhpuri

संग-ए-मरमर संगमरमर की शाश्वत सुंदरता और ठंडी भव्यता को दर्शाता है। कविता में, यह अक्सर शुद्धता, स्थायित्व, और प्रकृति की कला की मौन शक्ति का प्रतीक होता है।

कवि संग-ए-मरमर का उपयोग शाश्वत और क्षणभंगुर के बीच के विरोधाभास को दर्शाने के लिए करते हैं, पत्थर की ठंडक के खिलाफ मानवीय भावना की गर्मी।

संग-ए-मरमर प्रकृति की शाश्वत कला का प्रमाण है।