Meaning of

सुख़न-वर

suKHan-var • سخن ور

कवि; शायर; शब्दकार

poet; bard; wordsmith

شاعر; سخنور; لفظ ساز

Persian

हैं और भी दुनिया में सुख़न-वर बहुत अच्छे कहते हैं कि 'ग़ालिब' का है अंदाज़-ए-बयाँ और — Mirza Ghalib
उस एक ख़त ने सुख़न-वर बना दिया मुझ को वो एक ख़त कि जो लिक्खा नहीं गया मुझ से — Shahid Zaki
होते-होते यारों मुझ को और बेहतर होना है या'नी कुछ कहनी है ग़ज़लें औ' सुख़न-वर होना है — Rajnish Vishwakarma
जो उस का हुस्न न हो तो ये सब सुख़न-वर लोग सुख़न को छोड़ के गायें चराने लग जाए — Brajnabh Pandey
सुख़न-वर बन गया अब तो बताओ बताओगी नहीं तो हाँ समझ लूँ — Abhay Mishra
काम मुश्किल है बहुत अच्छा सुख़न-वर होना ठीक तो ये है मैं मिर्ज़ा रहूँ क्यूँँ मीर बनूँ — Amaan mirza
शायद कि इस लिए भी सुख़न-वर हुआ हूँ मैं मेरी कभी बनी ही नहीं ज़िंदगी के साथ — Irshad 'Arsh'

सुख़न-वर उन लोगों के लिए सम्मान का खिताब है जो शब्दों को कला में बुनते हैं। यह केवल लिखने की क्षमता नहीं बल्कि भाषा की वह महारत दर्शाता है जो विचारों को गहन अभिव्यक्तियों में बदल देती है।

कवि अक्सर 'सुख़न-वर' का जश्न मनाते हैं, उन्हें लोगों की आवाज़, सुंदरता और सत्य के सृजनकर्ता के रूप में देखते हैं। वे साधारण और दिव्य के बीच पुल के रूप में देखे जाते हैं, जीवन के सार को पकड़ते हैं।

सुख़न-वर आत्मा का वास्तुकार है, केवल शब्दों से दुनिया का निर्माण करता है।