Meaning of

हाल-ए-परेशान

haal-e-pareshaan • حال پریشان

उलझन की स्थिति; भावनात्मक उथल-पुथल

state of confusion; emotional turmoil

پریشانی کی حالت; جذباتی ہلچل

Persian

हम अपने हाल-ए-परेशाँ पे बारहा रोए और उस के बा'द हँसी हम को बारहा आई — Rais Amrohvi
देख कर हाल-ए-परेशाँ मेरा लोगों ने कहा हज़रत-ए-क़ैस के कुनबे के बशर लगते हो — Shajar Abbas
मत पूछ हम सेे हाल-ए-परेशान का सबब ख़ुद सोच क्या सबब है जो इस हाल में हैं हम — Shajar Abbas

'हाल-ए-परेशान' अपने मूल अर्थ में उस स्थिति को दर्शाता है जहाँ विचार और भावनाएँ उलझन की स्थिति में होती हैं। कविता ने इस शब्द को अपनाकर मानव मन की गहराइयों में झाँका है, जहाँ गहरी भावनात्मक अनुभूतियों के साथ अक्सर एक प्रकार की अव्यवस्था जुड़ी होती है।

'हाल-ए-परेशान' का उपयोग कवि अक्सर प्रेमी के अपने प्रिय से बिछड़ने की आंतरिक उथल-पुथल को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह आत्मा की अस्तित्वगत चिंता को भी दर्शा सकता है जो अर्थ की खोज में है। यह शब्द शांति और स्पष्टता की स्थितियों के विपरीत होता है, और अव्यवस्था में सुंदरता को उजागर करता है।

अव्यवस्था और स्पष्टता के नृत्य में, 'हाल-ए-परेशान' अपनी काव्यात्मक गरिमा पाता है, हमें हमारे सबसे उथल-पुथल भरे क्षणों में सुंदरता की याद दिलाता है।